जुराबें पहनकर मंदिर में प्रवेश करने पर रोक
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प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी के गर्भगृह में जुराबें अथवा खड़ावां पहनकर प्रवेश करने पर मंदिर प्रशासन ने रोक लगा दी है। मंदिर प्रशासन ने यह कदम गर्भगृह की शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। मंदिर के गर्भगृह में जुराबें अथवा खड़ावां पहनकर प्रवेश करने के प्रतिबंध को लेकर मंदिर कार्यालय की ओर से गर्भ गृह में ड्यूटी देने वाले सभी सिक्योरिटी गार्डों,
सेवादारों तथा बारीदारों और पुजारियों के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि नियमों की अवहेलना करने पर मंदिर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा। चिंतपूर्णी मंदिर प्रशासन ने 4 फरवरी को पत्र संख्या 146/16 में दिनांक गर्भ गृह में जुराबें एवं खड़ावां पहनकर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
गर्भ गृह में यह अधिसूचना चस्पां कर दी गई है। अब न्यास का कोई भी सिक्योरिटी गार्ड सेवादार, बारीदार तथा पुजारी अगर इनका उपयोग कर गर्भगृह में पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक मंदिर अधिकारी को शिकायत मिली थी कि कुछ सिक्योरिटी गार्ड, पुजारी तथा बारीदार इनका उपयोग कर कभी बाजार में घूमते हैं। इससे गर्भगृह की शुद्धता प्रभावित होती है। इस पर मंदिर अधिकारी ने शिकायत का कड़ा संज्ञान लिया है।
चार फरवरी को नोटिस बोर्ड पर यह अधिसूचना जारी कर दी गई है। उधर, चिंतपूर्णी बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा ने मंदिर प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि गर्भ गृह की शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। यह नियम तत्काल लागू कर दिया गया है।