Himachal News: चीन से सटे हाईवे पर एक साल में खोलना होगा पेट्रोल पंप
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय ने सीमा सड़क संगठन महानिदेशक को पत्र भेजा है।
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चीन शासित तिब्बत सीमा के निकटवर्ती नेशनल हाईवे (एनएच) पर निजी निर्माण कार्यों पर केंद्र ने सख्ती की दी है। यह सख्ती पेट्रोल पंपों और निजी संपत्ति के निर्माण को लेकर की गई है। इसमें यह दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि केंद्र से अनुमति मिलने पर एक साल में ही पेट्रोल पंपों और निजी संपत्ति का निर्माण करना होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं उच्च मार्ग मंत्रालय ने सीमा सड़क संगठन को इस संबंध में पत्र भेजा है।
दिशा-निर्देशाें में यह भी तय किया है कि अगर किन्हीं कारणों से एक साल के निर्धारित समय में यह निर्माण कार्य नहीं हो पाए तो इस अवधि को दो साल के लिए केंद्रीय मंत्री की अनुमति से ही बढ़ाया जाएगा। इसके लिए केवल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंत्री की अनुमति के बाद ही बढ़ाया जा सकेगा। यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में चीन शासित तिब्बत सीमा के नजदीकी जिले किन्नौर और लाहौल-स्पीति हैं।
किन्नौर के लिए एनएच-पांच शिमला से नारकंडा होकर किन्नौर तक जाता है। इसी तरह एनएच-505 भी दोनों ही जिलाें किन्नौर और लाहौल-स्पीति से होकर जाता है। मंत्रालय के अवर सचिव उमराव मीणा ने इस संबंध में नेशनल हाईवे अथाॅरिटी के अध्यक्ष, सभी राज्यों के प्रधान सचिवों, सचिवों, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंताओं और मुख्य अभियंताओं को इस संबंध में पत्र भेजे हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के नेशनल हाईवे पर इस व्यवस्था को देखने के लिए कहा गया है।
मंजूर करवाए गए नक्शे के तहत करना होगा निर्माण
मंत्रालय ने फ्यूल स्टेशन, सड़क किनारे की स्थापनाओं, संपर्क सड़कों, अन्य संपत्तियों आदि से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए नियम निर्धारित किए हैं। इसमें अधिक स्पष्ट किया गया है कि तेल, गैस कंपनी और संपत्ति के मालिक फ्यूल स्टेशन या निजी संपत्ति का निर्माण मंजूर करवाए गए नक्शे के अनुसार अपनी लागत पर 12 महीनों के निर्धारित समय में कर पाएंगे।