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कॉन्वेंट की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के बच्चे पहनेंगे स्मार्ट यूनफॉर्म, विभाग ने की तैयारी

Tue, 05 Dec 2017 11:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 05 Dec 2017 11:00 AM IST
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Children of govt schools wear smart uniforms on the lines of convent

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले करीब आठ लाख विद्यार्थी अगले सत्र से स्मार्ट यूनिफार्म में नजर आ सकते हैं। सरकारी स्कूलों के प्रति घटते रुझान के बाद हिमाचल सरकार कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर छात्र-छात्राओं की वर्दी बदलने की तैयारी कर ली है । 

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प्रधान सचिव शिक्षा ने निदेशालय के अफसरों की एक कमेटी भी गठित कर दी है। यह कमेटी तय करेगी करेगी कि स्कूली बच्चों की वर्दी कैसी होगी। वर्दी के साथ प्रदेश सरकार अब टाई भी देगी।  किस कक्षा तक की छात्राओं के लिए स्कर्ट लगाई जाएगी इस पर भी मंथन किया जा रहा है। 
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गौरतलब है कि सरकार हर साल सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त वर्दी देती है। सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद की अध्यक्षता में गठित कमेटी सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए कलरफुल ड्रेस के साथ टाई लगाने का प्रस्ताव तैयार करेगी।

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फैशन डिजाइनिंग संस्थान की लेंगे मदद

Children of govt schools wear smart uniforms on the lines of convent

विद्यार्थियों को किस रंग की वर्दी दी जाएगी, कपड़ा दिया जाएगा या सिली सिलाई वर्दी, सरकार पर कितना आर्थिक बोझ पड़ेगा इस पर कमेटी प्रस्ताव तैयार करेगी। इसके बाद प्रस्ताव नई सरकार की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 

नई सरकार ने प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी तो मार्च 2018 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों के बच्चे भी स्मार्ट यूनिफार्म में दिखेंगे। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने बताया कि स्मार्ट यूनिफार्म का प्रस्ताव जल्द तैयार कर लिया जाएगा।

सचिवालय में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकारी स्कूलों के बच्चों की वर्दी का डिजाइन तय करने के लिए निदेशालय हमीरपुर स्थित आईनिफ्ड संस्थान की मदद लेगा। वर्दी के रंग पर फैशन डिजाइनिंग संस्थान से भी चर्चा होगी।  पड़ोसी राज्यों के सरकारी स्कूलों की वर्दी के पैटर्न का भी अध्ययन किया जाएगा।

पुरानी वर्दी के लिए नहीं निकाले टेंडर

Children of govt schools wear smart uniforms on the lines of convent

सरकारी स्कूलों में महात्मा गांधी और मुख्यमंत्री वर्दी योजना के तहत विद्यार्थियों को सरकार हर साल निशुल्क वर्दी मुहैया करवाती है। दसवीं कक्षा तक के बच्चों को सरकार वर्दी का कपड़ा देने के साथ-साथ सिलाई खर्च भी देती है।

जमा दो तक के बच्चों को वर्दी का कपड़ा दिया जाता है। स्मार्ट यूनिफार्म तय करने के चलते इस साल सरकार ने अगले शैक्षणिक सत्र के लिए पुरानी वर्दी तैयार करने का टेंडर भी नहीं दिया है।

छात्र संख्या घटने का कारण वर्दी भी
हिमाचल विश्वविद्यालय की सर्वे रिपोर्ट में सरकारी स्कूलों में लगातार छात्र संख्या घटने का एक कारण वर्दी को भी माना गया है। निदेशालय के अफसरों के मुताबिक विवि की रिपोर्ट में स्पष्ट है कि सरकारी स्कूलों की वर्दी कान्वेंट स्कूलों की आकर्षक वर्दी का मुकाबला नहीं कर पा रही है। कई अभिभावक इस कारण भी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ा रहे हैं। जिन सरकारी स्कूलों ने खुद वर्दी में बदलाव किए हैं उनके यहां छात्र संख्या बढ़ी है। 
 

सत्र के शुरू में ही तय हो जाएगी वार्षिक परीक्षाओं की तिथि

Children of govt schools wear smart uniforms on the lines of convent

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही वार्षिक परीक्षाओं की तिथियां घोषित कर देगा। इससे मुख्य परीक्षा, कंपार्टमेंट, री-इवेल्यूएशन और री-अपीअर के परीक्षार्थी असमंजस में नहीं रहेंगे।

बोर्ड नई व्यवस्था बनाने पर विचार कर रहा है। सत्र के शुरू में ही बोर्ड बिना लेट फीस और लेट फीस के साथ परीक्षाओं के आवेदन की तारीख जारी कर देगा। इसकी जानकारी बाकायदा प्रिंसिपलों को भी दी जाएगी।

बोर्ड के पास परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद सहानुभूति तौर पर कई आवेदन आते हैं। बोर्ड के इस निर्णय से सैकड़ों बच्चों को फायदा होगा जो समय पर परीक्षा फार्म नहीं भर पाते हैं।

शिक्षा बोर्ड के सचिव अश्वनी राज शाह ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथियां सत्र के शुरू में ही तय करने पर विचार किया जा रहा है। 

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