जनरल बिपिन रावत ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पदभार ग्रहण कर लिया है। बिपिन रावत का हिमाचल प्रदेश के शिमला से गहरा नाता रहा है। 13 मई 2019 को वे शिमला आए थे। बिपिन रावत ने शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल का दौरा कर स्कूल में बिताए लम्हों को याद किया था।
इसी स्कूल से उन्होंने कुछ साल पढ़ाई भी की है। इस दौरान स्कूल के छात्रों ने बिपिन रावत से कई सवाल भी पूछे थे। उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब देने के साथ ही जीवन में सफलता पाने के लिए लगातार कड़ी मेहनत करने का मूल मंत्र दिया था। जनरल रावत ने एनसीसी विंग के छात्रों को कहा था कि देश सेवा का जज्बा हो तो सेना ज्वाइन करें।
उनके संबोधन से पूरे स्कूल के छात्र प्रोत्साहित हुए थे। स्कूल के प्रिंसिपल फादर अनिल स्कवेयरा ने जनरल रावत के देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनने पर कहा कि यह न केवल स्कूल बल्कि शिमला के लिए एक गर्व का पल है। यहां से पढ़ा छात्र आज पूरे देश का चीफ बना है। स्कूल के पूरे स्टाफ और छात्रों ने बिपिन रावत को बधाई दी है।
जनरल बिपिन रावत तब तीन दिवसीय अधिकारिक दौरे पर शिमला पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सीटीओ से लेकर होटल क्लार्क तक माल रोड घूमने और शिमला के सुहाने मौसम का लुत्फ उठाया था।
शिमला प्रवास के दौरान अग्रिम क्षेत्र में सुरक्षा के हालात जानने के लिए सैनिकों की तैनाती का भी उन्होंने जायजा लिया था। इसके अलावा विपिन रावत राज्यपाल और राज्य के उच्च पदाधिकारियों से भी मिले थे। सेनाध्यक्ष के साथ उनकी पत्नी व सेना परिवार कल्याण संगठन की अध्यक्षा मधुलिका रावत भी शिमला आई थीं।