{"_id":"66d9c24dde4a3be0f500ce2e","slug":"check-bounce-convicts-plea-rejected-now-he-will-have-to-go-to-jail-shimla-news-c-19-sml1001-404903-2024-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: चेक बाउंस दोषी की याचिका \nखारिज, अब जाना होगा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: चेक बाउंस दोषी की याचिका खारिज, अब जाना होगा जेल
विज्ञापन
सत्र न्यायाधीश की अदालत का फैसला
निचली अदालत के सजा के फैसले को रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोष सिद्ध के निर्णय और सजा के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने दोषी रमेश शर्मा को 18 अक्तूबर तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता दोषी रमेश शर्मा तहसील चौपाल जिला शिमला निवासी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। सत्र न्यायाधीश भूपेश शर्मा ने वीरवार को फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है। दरअसल 17 दिसंबर 2015 को आरोपी ने एक व्यक्ति से वित्तीय जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये का ऋण लिया था। दो साल बाद चौपाल स्थित राज्य सहकारी बैंक से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद 22 नवंबर 2017 को आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस मामले में प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों के अवलोकन पर 29 अप्रैल 2024 को आरोपियों को दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे चार माह का साधारण कारावास और 8 लाख रुपये का मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। संवाद
विज्ञापन
निचली अदालत के सजा के फैसले को रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोष सिद्ध के निर्णय और सजा के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने दोषी रमेश शर्मा को 18 अक्तूबर तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता दोषी रमेश शर्मा तहसील चौपाल जिला शिमला निवासी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। सत्र न्यायाधीश भूपेश शर्मा ने वीरवार को फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है। दरअसल 17 दिसंबर 2015 को आरोपी ने एक व्यक्ति से वित्तीय जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये का ऋण लिया था। दो साल बाद चौपाल स्थित राज्य सहकारी बैंक से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद 22 नवंबर 2017 को आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस मामले में प्रथम श्रेणी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी। अदालत में दोनों पक्षों को सुनने और सबूतों के अवलोकन पर 29 अप्रैल 2024 को आरोपियों को दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे चार माह का साधारण कारावास और 8 लाख रुपये का मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। संवाद
विज्ञापन