छावनी के जेई पर सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दायर, यहां जानिए पूरा मामला
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रिश्वत के आरोप में सुबाथू छावनी के कनिष्ठ अभियंता पर लंबे समय बाद सीबीआई ने चार्जशीट दायर कर दी है। इसके बाद छावनी परिषद की ओर से कनिष्ठ अभियंता का निलंबन रद्द करने के अटकलों पर भी विराम लग चुका है।
फिलहाल रिश्वत लेने के आरोप में घिरे कनिष्ठ अभियंता को सीबीआई से राहत मिलने से पहले निलंबित ही रहना पड़ेगा। लेकिन चार्जशीट दायर होने से एक बार फिर कनिष्ठ अभियंता अमरीश जौली की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बता दें कि अप्रैल, 2017 में छावनी परिषद के एक ठेकेदार की शिकायत पर रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने परवाणू में जाल बिछाकर कनिष्ठ अभियंता को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने एक्ट 1988 के तहत मामला दर्ज किया है।
छावनी उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया की 19 अप्रैल, 2017 को छावनी के एक ठेकेदार से रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई की टीम ने सुबाथू छावनी के कनिष्ठ अभियंता को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया की सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है।
कनिष्ठ अभियंता पर लगे है ये आरोप
छावनी परिषद सुबाथू के कनिष्ठ अभियंता को सीबीआई की टीम ने दिल्ली के एक ठेकेदार की शिकायत पर 70 हजार रिश्वत मांगने के आरोप में परवाणू के नजदीक गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुड़िया रेप केस के चलते लंबे समय तक सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दायर नहीं कर पाई।
इसके बाद छावनी परिषद में जेई के निलंबन को रद्द करने पर भी विचार विमर्श किया जा रहा था। हालांकि सीबीआई ने समय-समय पर छावनी परिषद का दौरा कर दस्तावेज खंगालने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
लेकिन बीते दिनों सीबीआई कोर्ट में अमरीश जौली के खिलाफ चार्जशीट दायर होने के बाद छावनी परिषद में होने वाली बोर्ड बैठक में राहत की उम्मीद भी खत्म हो चुकी है।
एक और ठेकेदार कड़ी से जुड़ा
ठेकेदार से रिश्वत की रकम वसूलने के आरोपों में सुबाथू छावनी परिषद के एक और ठेकेदार का नाम भी इस कड़ी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि ठेकेदार को मोहरा बनाकर दिल्ली के ठेकेदार से रिश्वत का जाल बुना गया था। सीबीआई की एफआईआर के तहत ठेकेदार और आरोपी के बीच फोन पर हुई रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग भी की है।