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चंबा रुमाल की कशीदाकारी को मिलने वाला है वजूद

Tue, 20 Feb 2018 01:34 PM IST
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला, चंबा
सुभाष कुमार अग्निहोत्री, अमर उजाला, चंबा Updated Tue, 20 Feb 2018 01:34 PM IST
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chamba rumal embroidery designs on clothes

वजूद के लिए लड़ रही चंबा रुमाल की कशीदाकारी को नया जीवन मिलने वाला है। सिद्धहस्त कारीगरों और डिजाइनरों की पहाड़ी एंब्रॉइडरी अब कपड़ों पर भी नजर आएगी। पुराने टांकों के साथ पहाड़ी एंब्रॉइडरी को दिल्ली की असिस्टेंट प्रोफेसर नये प्लेटफार्म पर लाई हैं।

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इसको लेकर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर ने कमला देवी आर्ट गैलरी दिल्ली में प्रदर्शनी का आयोजन किया है। इसमें चंबा रुमाल और कपड़ों पर उकेरी पहाड़ी एंब्रॉइडरी को खूब सराहा जा रहा है। पहाड़ी कशीदाकारी के शौकीन इसे खरीद भी रहे हैं।
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पहाड़ी एंब्रॉइडरी के महीन कला को रुमाल के अलावा दुप्पटों, चोली सहित अन्य कपड़ों पर भी उकेरा गया है। चंबा रुमाल को नई बुलंदी पर ले जाने का काम गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फोर वुमन चंडीगढ़ की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहिनी अरोड़ा ने कर दिखाया है। डॉ. रोहिनी की प्रदर्शनी 26 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। 
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प्रदर्शनी में ये शामिल
प्रदर्शनी में चंबा रुमाल और कपड़े पर की जाने वाली पहाड़ी एंब्रॉइडरी को प्रदर्शित किया है। इसमें अलंकरण, कमलासन, बागीया में श्री राधाकृष्ण, पिंजू ढकनू, चिता शिकार ढकनु मुख्य रूप से शामिल है।

परीक्षित शर्मा ने किए डिजाइन
डिजाइनर परीक्षित शर्मा ने चंबा रुमाल, कपड़ों पर पहाड़ी एंब्रॉइडरी के डिजाइन तैयार किए हैं। कपड़ों पर अनीता देवी और पिंकी देवी अद्भुत कारीगरी की है। 

चंबा रुमाल पर की पीएचडी
गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फोर वुमन चंडीगढ़ में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहिनी अरोड़ा ने बताया कि 2007 में उन्होंने पढ़ाई के दौरान चंबा रुमाल पर की जाने वाली पहाड़ी एंब्रॉइडरी पर शोध आरंभ किया।


मई 2015 ने उन्हें चंबा रुमाल पर की जाने वाली पहाड़ी एंब्रॉइडरी के शोध के लिए पीएचडी की डिग्री मिली। चंबा रुमाल पर की जाने वाली पहाड़ी एंब्रॉइडरी को नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए ही पुराने टांकों के साथ नए काम को लेकर वे प्रयासरत हैं।

इसलिए खास है कला
चंबा रुमाल की इस तरह कढ़ाई की जाती है कि ये दोनों तरफ एक जैसा दिखता है। चंबा रूमाल पर सिर्फ ऐतिहासिक चित्रों को ही उकेरा जाता है।

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