जिलों की रैंकिंग में इतने पायदान लुढ़का चंबा, नीति आयोग ने जारी की सूची
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नीति आयोग के आकांक्षी जिलों की सूची में हिमाचल प्रदेश का चंबा जिला 20 पायदान लुढ़क कर 42वें नंबर पर आ गया है। नीति आयोग की ओर से जारी ताजा रैंकिंग में देशभर के 108 आकांक्षी जिलों में चंबा को 42वां रैंक दिया गया है।
मार्च 2018 में बेसलाइन रैंकिंग में चंबा को 22वां रैंक दिया गया था। चंबा को कुल 6.5 डेल्टा अंक (वृद्धिशील प्रगति) दिए गए हैं। नीति आयोग ने आकांक्षी जिलों के लिए स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन के पांच विकासात्मक क्षेत्रों में डेल्टा रैंकिंग दी है।
शिक्षा के क्षेत्र में चंबा को 31वां रैंक दिया गया है। 5.388 डेल्टा अंक दिए गए हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में चंबा को अच्छी रैंकिंग मिली है। देशभर में 16वां रैंक दिया गया है। इसके लिए चंबा को 0.129 डेल्टा अंक दिए गए हैं।
कृषि और जल संसाधन में सबसे हालत खराब
कृषि और जल संसाधन के क्षेत्र में चंबा जिले की हालत सबसे खराब है। इसके लिए 92वां रैंक दिया गया है। जबकि डेल्टा अंक माइनस में माइनस 0.01 दिए गए हैं। स्वास्थ्य और पोषण के मामले में भी स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है।
इस मामले में चंबा 57वें नंबर पर है। इसकी 4.581 डेल्टा अंक दिए गए हैं। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में 75वां रैंक दिया गया है। 0.017 डेल्टा अंक दिए गए हैं। जिलों ने पहली अप्रैल 2018 से चैंपियंस ऑफ चेंज डैशबोर्ड में डाटा दर्ज करना शुरू किया।
कुल 112 में से 108 जिलों ने इस रैंकिंग में भाग लिया। शेष चार जिलों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। गुजरात के दाहोद जिले ने 19.8 अंकों के साथ पहला रैंक हासिल किया है। मार्च 2018 में बेसलाइन रैंकिंग में दाहोद 17वें नंबर पर था।