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हिमाचल में गर्भवती महिलाओं का बुरा हाल, कोई 8 घंटे ठंडे फर्श पर बैठी तो कहीं एक बिस्तर पर दो-दो

Wed, 17 Oct 2018 01:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा Updated Wed, 17 Oct 2018 01:03 PM IST
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chamba medical college lack of facilities for pregnant womens

चंबा मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड का इन दिनों बुरा हाल है। एक बेड पर दो-दो गर्भवती महिलाएं भर्ती की गई हैं। हालत यह है कि अन्य गर्भवती महिलाएं बेड न मिलने के कारण फर्श पर लेटने को मजबूर हैं। बेड नहीं मिलने पर एक गर्भवती करीब आठ घंटे तक ठंडे फर्श पर बिस्तर डालकर बैठी रही। एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद उसे बेड नसीब हुआ।

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इस मामले ने प्रसूति विभाग में व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। अगर मेडिकल कॉलेज में ऐसा हाल होगा तो, लोग उपचार कराने कहां जाएं। किहार से प्रसव के लिए चंबा पहुंची गर्भवती महिला सुबह करीब 11 बजे से लेकर शाम सात बजे तक बेड को तरसती रही।
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शाम के बाद जब एसडीएम चंबा के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने हस्तक्षेप किया। इसके बाद गर्भवती को रात के समय बेड मिल पाया। परिजनों का आरोप है कि जब किहार से चंबा पहुंचे वहां मौजूद स्टाफ से बेड मांगा।

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उन्होंने टका सा जवाब दिया कि जहां पर खाली बेड नजर आता है वहां पर लेट जाए। जबकि एक भी खाली बेड मौजूद नहीं था। तीमारदार चैन सिंह, देवी प्रसाद, अमर सिंह, योगराज, कमल कुमार, वीरेंद्र कुमार, नरेंद्र, अमर चंद, सूरज और रवि कुमार ने बताया कि सरकार ने कहने को क्षेत्रीय अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बना दिया है। सुविधा नाममात्र हैं। 
 
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि एक गर्भवती महिला वार्ड में दाखिल हुई थी। जो खुद के लिए बेड मांग रही थी। इसकी वजह से परेशानी पेश आई। बाद में उसे सिंगल बेड उपलब्ध करवा दिया गया।

प्रसूता वार्ड में मात्र एक दर्जन बेड 
प्रसूता वार्ड में एक दर्जन बेड की व्यवस्था है। जबकि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की संख्या इससे दो से तीन गुना अधिक होती है। इसमें रोजाना इजाफा होता है। अस्पताल प्रबंधन इस संबंध में कोई कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने सरकार से गायनी वार्ड में अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।

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