हिमाचल में वीके शर्मा होंगे प्रशासनिक ट्रिब्यूनल चेयरमैन
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन को मंजूरी दे दी है। हमीरपुर में पत्रकारों के बातचीत में उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल का मुख्यालय शिमला में होगा, जबकि धर्मशाला में इसकी सर्किट बेंच खोली जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी एक और चुनावी घोषणा पूरी कर दी है। वहीं, हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के चेयरमैन हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश वीके शर्मा होंगे।
प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने इसकी मंजूरी देने के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि 26 जनवरी के बाद वीके शर्मा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।
वर्ष 2008 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल को भंग कर दिया था। इसके बाद कर्मचारियों के ज्यादातर मसले हाईकोर्ट जा रहे थे। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था।
ढाई लाख कर्मियों को होगा लाभ
यूपीए सरकार की ओर से ही इसकी सैद्धांतिक सहमति दे दी गई थी, लेकिन अधिसूचना जारी नहीं हो सकी। चार दिन पहले ही हिमाचल में प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के गठन को केंद्र ने मंजूरी दे दी। साथ ही हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश वीके शर्मा को ट्रिब्यूनल का चेयरमैन बनाने के लिए भी अपनी स्वीकृति प्रदान की।
प्रधान सचिव, कार्मिक, हिमाचल एसकेबीएस नेगी ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश वीके शर्मा को हिमाचल प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के चेयरमैन बनाने की मंजूरी दे दी है। 26 जनवरी के बाद कभी भी वह पद एवं गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। केंद्र ने ट्रिब्यूनल के गठन की भी मंजूरी दे दी है।
हिमाचल प्रदेश में ढाई लाख से अधिक कर्मचारी हैं, जो अपने मामलों को लेकर प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में जा सकते है। सरकार के इस कदम से कर्मियों के मामले तेजी से निपटाए जा सकेंगे।