{"_id":"628a7c4b9b10ea1c7e140889","slug":"cervical-cancer-problem-is-more-in-women-of-difficult-areas-shimla-news-sml409708131","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंसर अस्पताल में सवाइकल कैंसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंसर अस्पताल में सवाइकल कैंसर
विज्ञापन
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और कुल्लू जिले के दुर्गम इलाकों में रहने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समस्या अधिक है। आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल में हर साल 210 से 220 महिला मरीज बीमारी का इलाज करवाने के लिए अस्पताल आ रही हैं। ज्वाइंट फोरम ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया की ओर से अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स की कॉन्फ्रेेंस में रिसर्च स्कॉलर नीरज परिहार ने यह जानकारी दी।
परिहार ने बताया कि दुर्गम इलाकों में रहने वाली महिलाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर पेप्समीयर टेस्ट करवाकर बीमारी की जांच करवा सकती हैं। अब 50 से 55 साल की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इस उम्र की महिलाओं को सतर्कता बरतने की जरूरत हैं। पहली स्टेज पर आने वाली महिलाओं को इलाज मिलने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसलिए शरीर के अंगों में किसी तरह का असर दिखने में तुरंत अस्पताल में उपचार के लिए आना चाहिए। उधर, इस अवसर पर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया, सतीश ओम्टा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
2500 से 2600 नए कैंसर मरीज
कैंसर अस्पताल में अलग-अलग प्रकार के कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में हर साल 2,500 से 2,600 नए मरीज उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन
परिहार ने बताया कि दुर्गम इलाकों में रहने वाली महिलाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर पेप्समीयर टेस्ट करवाकर बीमारी की जांच करवा सकती हैं। अब 50 से 55 साल की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इस उम्र की महिलाओं को सतर्कता बरतने की जरूरत हैं। पहली स्टेज पर आने वाली महिलाओं को इलाज मिलने से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसलिए शरीर के अंगों में किसी तरह का असर दिखने में तुरंत अस्पताल में उपचार के लिए आना चाहिए। उधर, इस अवसर पर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश पठानिया, सतीश ओम्टा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
2500 से 2600 नए कैंसर मरीज
कैंसर अस्पताल में अलग-अलग प्रकार के कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में हर साल 2,500 से 2,600 नए मरीज उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं।