7वें वेतन आयोग के खिलाफ कर्मचारी, हड़ताल की चेतावनी
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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ केंद्रीय कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। राजपत्रिक अधिकारी संघ (एसएएस) का वार्षिक सम्मेलन महालेखाकार कार्यालय के प्रांगण में हुआ। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सातवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशों में सहायक लेखा अधिकारियों के लिए विशेष तर्कसंगत सुझाव नहीं दिए हैं।
संगठन ने अखिल भारतीय स्तर पर वेतन आयोग की सिफारिशों को दरकिनार कर सरकार से आग्रह किया है कि वह द्विपक्षीय वार्ता से समुचित समाधान करें, नहीं तो संगठन को 11 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ेगा। इसके लिए पहले ही महालेखाकार के माध्यम से केंद्र सरकार को नोटिस दिया जा चुका है।
संगठन अध्यक्ष नेत्र सिंह चौहान ने कर्मचारियों से अपनी मांगों को पूरा करने के लिए लामबंद होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। सम्मेलन का संबोधित करते हुए संघ के महासचिव हरीश जुल्का ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय पर हो रहा है जब देश की आम जनता, किसान, मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा बेरोजगार नौजवान विषम परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।
वेतन आयोगों ने कर्मचारियों से किया धोखा
पिछले दो वेतन आयोगों ने कर्मचारियों से धोखा किया है। सहायक लेखा अधिकारी विगत दस वर्ष से केंद्र सचिवालय के बराबर वेतनमान तथा ग्रेड मांग रहे हैं। वर्तमान में सहायक लेखा अधिकारी की 5400 ग्रेड वेतन में पदोन्नति करीब 23-24 साल बाद हो रही है।
कर्मचारी संघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस दौरान उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ऑल इंडिया ऑडिट एवं अकाउंट्स एसोसिएशन के बैनर तले वह हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये करने तथा फिटमेंट फार्मूला में समुचित सुधार करते हुए रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू करने की मांग उठाई।
वार्षिक सम्मेलन के दौरान राजपत्रिक अधिकारी संघ की नई कार्यकारिणी का चयन भी किया गया। लगातार तीसरी बार नेत्र चौहान को अध्यक्ष और हरीश जुल्का को महासचिव चुना गया। हंसराज हीर को सलाहकार, मदन लाल, राकेश शर्मा, विमला चंदेल, कुशल कुमार, पूनम सूद, रमेश चंद, नंदलाल कनौजिया, राज कुमार कौंडल और शमशेर सिंह गुलेरिया को सदस्य नियुक्त किया गया।
Published by Arvind Thakur