आईआईटी कमांद में अनियमितताओं के आरोपों की जांच करेगी केंद्रीय टीम
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लंबे समय से अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुर्खियों में चल रहे आईआईटी कमांद की जांच केंद्रीय टीम करेगी। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया है। इस पर मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के लिए केंद्रीय टीम भेजने का आदेश जारी किया है।
सांसद ने लोकसभा में कहा कि भारत सरकार के संस्थानों में वित्तीय अनियमितताओं व रोजगार आदि कार्यों में भाई-भतीजावाद चल रहा है। आईआईटी कमांद में यह संस्कृति साफ तौर पर देखने को मिल रही है।
आईआईटी को लेकर ये हैं आरोप
उन्होंने कहा कि आईआईटी कमांद की स्थापना 2010 में हुई थी और यह संस्थान पिछले पांच वर्षों में पूरी तरह से तैयार होकर छात्रों को शिक्षा देने का कार्य कर रहा है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और निदेशक आईआईटी मंडी अपनी मनमर्जी से ठेकेदारों का चयन कर रहे हैं।
गुणवत्ता पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वित्तीय नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। इन्हीं कारणों से दो वर्ष पूर्व आईआईटी कमांद में पांच लोगों की हत्या हुई थी।
उन्होंने कहा कि आए दिन आईआईटी कमांद में स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। यही नहीं, अब तो आईआईटी कमांद में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन निदेशक की मनमर्जी अब भी जारी है।