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CBI के जाल में फंसे डायरेक्टर का खुलासा, सीएम वीरभद्र के निजी सचिव को देने थे 5 लाख

Wed, 31 May 2017 10:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/शिमला Updated Wed, 31 May 2017 10:06 AM IST
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Central Bureau of Investigation Industry Joint Director Bribe  Chief Minister Virbhadra singh

सीबीआई ने हिमाचल के बद्दी स्थित उद्योग विभाग के ‌कार्यालय में तैनात जाइंट डायरेक्टर तिलकाराज को 5 लाख रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह पैसा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी सचिव को जाना था।

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सीबीआई के सूत्रों के अनुसार रिश्वत की डील के दौरान शिकायतकर्ता और आरोपी की रिकॉर्ड बातचीत से खुलासा हुआ है कि संयुक्त निदेशक को दिल्ली के एक वकील तक बतौर फीस के 35 लाख रुपये पहुंचाने थे, जो हिमाचल के एक बड़े राजनेता का केस लड़ रहा है।
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आरोपी ने इसके लिए उस नेता के पीएस का फोन आने की बात भी कही थी और कहा कि वह चाहे तो उनकी बात भी उससे करा सकते हैं। सीबीआई की प्रारंभिक जांच में बद्दी के एक उद्योगपति से दस लाख की रिश्वत मामले के तार नई दिल्ली स्थित हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कार्यालय से जुड़ते दिख रहे हैं।
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रिकार्डिंग में यह तथ्य सामने आया है कि तिलकराज ने शिकायतकर्ता से कहा था कि पहली किश्त के पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के दिल्ली कार्यालय में तैनात निजी सचिव पीएस रघुवंशी को जाएंगे। 

सीबीआई ने कैसे की प्लानिंग

Central Bureau of Investigation Industry Joint Director Bribe  Chief Minister Virbhadra singh

बता दें कि सीबीआई ने पूरी प्लानिंग के तहत तिलकराज को रंगे हाथ पकड़ा है। एजेंसी ने ट्रैप से पहले शिकायतकर्ता को डील फाइनल करने के बहाने अधिकारी और बिचौलिए का काम कर रहे उद्योगपति अशोक राणा के पास भेजा। 27 मई को जांच एजेंसी ने डिजिटल वाइस रिकॉर्डर और स्पाई वीडियो कैमरे के साथ शिकायतकर्ता को चंडीगढ़ स्थित एक हेयर सैलून में दोनों से मिलने भेजा। 

तीनों के बीच हुई रिकार्डिगिं को जांचने के बाद 29 मई को तिलकराज और 30 मई को अशोक राणा को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में रिकार्डिगिं का उल्लेख किया गया है, जिसमें साफ तौर पर तिलकराज ने शिकायतकर्ता से घूस के दस लाख रुपयों को दो किश्तों में देने को कहा था। 

जाइंट डायरेक्टर तिलकाराज ने दी थी धमकी

Central Bureau of Investigation Industry Joint Director Bribe  Chief Minister Virbhadra singh

पहली किश्त सोमवार तक देनी थी जबकि दूसरी किश्त बाद में दी जानी थी। खास बात यह है कि आरोपी संयुक्त निदेशक तिलकराज शर्मा ने पीडि़त चंद्रशेखर से कहा था कि पहली किश्त के पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री के दिल्ली कार्यालय में तैनात निजी सचिव पीएस रघुवंशी को जाएंगे।

हालांकि, चंद्रशेखर ने जब रकम ज्यादा होने की बात कहते हुए टालमटोल करने का प्रयास किया तो तिलक राज ने घूस न देने पर चंद्रशेखर को फैक्टरी गिरवाने और बिजली कटवाने तक की धमकी दी थी। साथ ही यह भी कहा था कि अगर वह अभी नहीं माना तो बाद में उसे पचास लाख रुपये तक चुकाने पड़ जाएंगे। 

मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित कार्यालय में तैनात कर्मचारी का जांच में नाम सामने आने के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री कार्यालय चर्चा में आ गया है। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच में दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय भी सीबीआई की जांच के दायरे में आ सकता है। 

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