शिमला रेप केसः सीबीआई ने पेश की 70 पन्नों की स्टेटस रिपोर्ट, हाईकोर्ट ने जताया संतोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़िया से दुराचार के बाद हत्या मामले में जांच एजेंसी सीबीआई कुछ नए सुराग मिले हैं। उसकी जांच की दिशा भी ठीक जा रही है। असल मुजरिम की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई को पुख्ता सबूतों की दरकार है।
इसीलिए सीबाईआई ने हाईकोर्ट से थोड़ा वक्त और मांगा है। हाईकोर्ट ने गुड़िया मामले में अगली स्टेटस रिपोर्ट 20 दिसंबर को दायर करने को कहा है।
सीबीआई ने बुधवार को प्रदेश हाईकोर्ट में अपनी 5वीं स्टेटस रिपोर्ट पेश की।
बुधवार को दी 70 पन्नों की रिपोर्ट में सीबीआई ने कुछ नए सुराग मिलने का भी जिक्र किया है। रिपोर्ट को ए, बी और सी तीन अलग-अलग हिस्सों में सील्ड कवर में पेश किया गया। रिपोर्ट से हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संतुष्ट दिखे।
सूरज हत्याकांड में इस दिन पेश करना होगा चालान
वहीं न्यायिक हिरासत में हुए सूरज हत्याकांड में हाईकोर्ट ने सीबीआई को 90 दिन की अवधी के भीतर चालान पेश करने को कहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि सीबीआई इस मामले को सुलझाने के करीब पहुंच चुकी है।
उच्च न्यायालय ने सीबीआई को आदेश दिए कि वह गुड़िया मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड में 30 नवंबर तक चालान पेश करे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और जस्टिस संदीप शर्मा की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
अब तक के निष्कर्ष को पब्लिक डोमेन में लाया जाए
सील्ड रिपोर्ट खोलने से पहले खंडपीठ ने सीबीआई को मौखिक तौर पर कहा कि इस मामले में अब तक निकाले गए निष्कर्ष को पब्लिक डोमेन में लाया जाना चाहिए। लोग इस मामले की जांच की स्थिति जानना चाहते हैं।
इस पर सीबीआई ने दलील दी कि रिपोर्ट को पढ़ लेने के बाद अदालत ऐसा पाएगी कि सीबीआई की जांच सही दिशा में है। सीबीआई ने रिपोर्ट को गोपनीय रखे जाने की भी गुहार लगाई जिसे कोर्ट ने मान लिया।
खंडपीठ ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा कि इस बार रिपोर्ट संतोषजनक है। मामले पर अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
सीबीआई इस मामले में अब तक 500 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। हलाइला और आसपास के करीब 200 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।