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सीबीआई जांच में खुलासा, इस वजह से की होशियार ने आत्महत्या

Sun, 05 Aug 2018 12:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 05 Aug 2018 12:32 PM IST
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CBI investigation in forest guard hoshiyar singh suicide case

मंडी की सेरी कतांडा बीट के वन रक्षक होशियार सिंह की मौत मामले में सीबीआई की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का एंगल ही सामने आया है। आरोपियों और कुछ विभागीय अफसरों से पूछताछ के बाद सीबीआई भी अब आत्महत्या की वजह अवैध कटान से उपजे हालात को ही मान रही है।

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होशियार सिंह ने तत्कालीन अधिकारियों को कई बार शिकायत की थी, लेकिन सभी कार्रवाई से लगातार कन्नी काटते रहे। इसी वजह से मानसिक तनाव में आकर होशियार ने जान दे दी। ऐसे में आत्महत्या को उकसाने वाले हालात को जिम्मेदार अफसरों पर भी गिरफ्तारी की गाज गिर सकती है।

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फॉरेस्ट गार्ड देता रहा सूचना, कार्रवाई से कन्नी काटते रहे अफसर

CBI investigation in forest guard hoshiyar singh suicide case

सीबीआई की जांच में पता चला है कि अवैध कटान को टीडी और लोगों के अंतिम संस्कार को मिलने वाली लकड़ी के नाम पर अंजाम दिया जा रहा था। अवैध कटान की सूचना पर भी जब कोई कार्रवाई नहीं की गई तो होशियार को भविष्य में इसके लिए दोषी ठहराए जाने की चिंता सता रही थी।

खुद को असहाय महसूस करते हुए उसने अपनी डायरी में अवैध कटान से जुड़े अहम तथ्यों को उजागर किया था। उसने कई लोगों के नाम भी लिखे थे। सीबीआई अब इसी एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है।

इस मामले में अभी तक दर्जनों स्थानीय लोगों और वन विभाग के तत्कालीन अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है। मामले से जुड़े तीन आरोपियों को अदालत जमानत पर रिहा कर चुकी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इससे पहले तैनात वन रक्षक पर भी हो चुका है हमला

CBI investigation in forest guard hoshiyar singh suicide case

सेरी कतांडा वन बीट में माफिया का पहले से खौफ था। होशियार सिंह से पहले यहां तैनात वन गार्ड गिरधारी लाल पर भी हमला हो चुका था। इसमें उसे काफी चोटें आई थी। यह मामला वर्ष 2016 का बताया जा रहा है।

हालांकि होशियार सिंह ने डायरी में उसे भी अवैध कटान के लिए जिम्मेदार ठहराया था और उसे सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया था। लेकिन इस घटना की वजह से भी वन माफिया का डर वन विभाग के कर्मचारियों से लेकर अफसरों तक बना हुआ था।

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पुलिस-आरएफएसल की लापरवाही से मामले ने पकड़ा तूल

CBI investigation in forest guard hoshiyar singh suicide case

9 जून 2017 को जब होशियार सिंह के शव को स्थानीय लोगों ने जंगल में लटका देखे जाने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके साथ ही आरएफएसएल मंडी की टीम को भी बुलाया गया। यहां पर कुछ ऐसी गलतियां हुईं जिससे मामला और उलझ गया।

सूत्रों के मुताबिक आरएफएसएल की टीम और पुलिस ने मौके पर वारदात पर मिले बैग को खोलकर उसकी जांच नहीं की। जबकि, बैग में मिली डायरी में साफ बताया गया था कि मामले के बारे में पूरी जानकारी उसके घर पर लिखे गए पत्र में है।

इस बैग को कई दिनों के बाद खोला गया और इससे पहले ही हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके अलावा पेड़ पर चढ़ने के दौरान नाखूनों में फंसी छाल की भी गहनता से जांच नहीं की गई। अगर ऐसा होता तो पहले ही स्थिति साफ हो गई होती।

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