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विमल नेगी मौत मामला: CBI की चार्जशीट में ASI पर न्याय प्रक्रिया में बाधा पैदा करने के आरोप, भाजपा ने उठाए सवाल
Sun, 07 Jun 2026 12:16 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:16 PM IST
सार
एचपीपीसीएल के तत्कालीन मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत मामले में सीबीआई की चार्जशीट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। जांच एजेंसी ने एएसआई पंकज शर्मा पर महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य नष्ट कर न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
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मृतक विमल नेगी (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के तत्कालीन मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की चार्जशीट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी एएसआई पंकज शर्मा ने न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया।
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चार्जशीट में कहा गया है कि विमल नेगी के शव से बरामद एक पेन ड्राइव को एएसआई पंकज शर्मा ने गायब कर दिया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पेन ड्राइव में मामले से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मौजूद थे, जिन्हें जानबूझकर नष्ट कर न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। एएसआई पंकज शर्मा की कार्रवाई ने जांच को गंभीर रूप से प्रभावित किया और यह न्याय में बाधा पहुंचाने का मामला बनता है। इसी आरोप में सीबीआई ने सितंबर 2025 में उन्हें गिरफ्तार भी किया था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।
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चार्जशीट में सीबीआई ने अदालत से अनुरोध किया है कि एएसआई पंकज शर्मा सहित अन्य आरोपियों को समन जारी कर उनके खिलाफ कानून के तहत मुकदमा चलाया जाए। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त हैं। उल्लेखनीय है कि इसी चार्जशीट में एचपीपीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा और निदेशक (इलेक्ट्रिकल) देशराज पर भी आपराधिक साजिश, पेशेवर प्रताड़ना और ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई का दावा है कि पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना से जुड़े विवाद और लगातार बढ़ते दबाव के कारण विमल नेगी मानसिक रूप से परेशान थे। 31 मार्च को शिमला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में इस मामले को लेकर चार्जशीट दाखिल की गई है। ट्रायल शुरू होने से पहले चार्जशीट में लगाए आरोपों की स्क्रूटनी होगी।
भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने विमल नेगी प्रकरण में कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई के खुलासों से फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट, दस्तावेजों में हेरफेर और अधिकारियों पर दबाव की बात सामने आई। इस प्रकरण में सच्चाई छिपाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कटवाल ने इन गंभीर आरोपों पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिमला में शनिवार को भाजपा की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए संजीव कटवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा अदालत में प्रस्तुत तथ्यों से प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
यदि वास्तविक स्थिति और आधिकारिक रिकॉर्ड में अंतर के बावजूद प्रमाणपत्र जारी हुए, तो यह गंभीर है। अधिकारियों पर दबाव बनाना और आपत्तियां दर्ज करने वालों को अलग करना भी चिंताजनक है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि यह खेल किसके संरक्षण में चला। कांग्रेस सरकार को जवाब देना चाहिए कि गंभीर आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कटवाल ने कहा कि विमल नेगी प्रकरण केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण बढ़ रहा है। सरकार को सच्चाई बतानी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई जांच में अधिकारियों को भाग लेना चाहिए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने विमल नेगी प्रकरण में कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई के खुलासों से फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट, दस्तावेजों में हेरफेर और अधिकारियों पर दबाव की बात सामने आई। इस प्रकरण में सच्चाई छिपाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कटवाल ने इन गंभीर आरोपों पर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। शिमला में शनिवार को भाजपा की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए संजीव कटवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा अदालत में प्रस्तुत तथ्यों से प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
यदि वास्तविक स्थिति और आधिकारिक रिकॉर्ड में अंतर के बावजूद प्रमाणपत्र जारी हुए, तो यह गंभीर है। अधिकारियों पर दबाव बनाना और आपत्तियां दर्ज करने वालों को अलग करना भी चिंताजनक है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि यह खेल किसके संरक्षण में चला। कांग्रेस सरकार को जवाब देना चाहिए कि गंभीर आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कटवाल ने कहा कि विमल नेगी प्रकरण केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण बढ़ रहा है। सरकार को सच्चाई बतानी चाहिए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई जांच में अधिकारियों को भाग लेना चाहिए।