रिश्वत कांड पर हिमाचल में सियासी उबाल, सीएम आए निशाने पर
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रिश्वत कांड प्रकरण के बाद प्रदेश में सियासी उबाल आ गया है। भाजपा प्रकरण को चुनावों में बड़ा मुद्दा बनाने की रणनीति में जुट गई है। सीएम वीरभद्र के पहले ही ईडी और सीबीआई मामलों में घिरे होने के बाद अब रिश्वत कांड प्रकरण में उनके कार्यालय का नाम जुड़ने से भाजपा इसे सियासी रंग दे रही है।
कांग्रेस संगठन तो खुलकर सामने नहीं आया, लेकिन सरकार प्रकरण को उससे जोड़े जाने पर पलटवार में जुट गई है। हालांकि, जिस अधिकारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा गया है, उस पर भाजपा सरकार के कार्यकाल में मेहरबानियां हुई हैं, लेकिन कांग्रेस फिलहाल शांत दिख रही है।
प्रदेश सरकार पर हमले तेज करेगी भाजपा
उद्योग विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर तिलकराज को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट में सीएम वीरभद्र सिंह के दिल्ली स्थित कार्यालय के अधिकारी का नाम होने से भाजपा मुद्दे को भुनाने में जुट गई है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे मुख्यमंत्री वीरभद्र को भाजपा अब इस प्रकरण से जोड़कर पेश कर रही है। भाजपा के प्रदेश लीडरशिप ने केंद्रीय नेतृत्व को मामले को लेकर अपडेट दी है।
केंद्र से यह संकेत दिए गए हैं, लेकिन इस प्रकरण से प्रदेश सरकार पर हमले तेज किए जाएं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नेता प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग तेज कर रहे हैं।
प्रदेश प्रभारी मंडल पांडे भी गरजे
प्रदेश प्रभारी मंडल पांडे और सांसद शांता कुमार ने नूरपुर में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला रहे तो प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ऊना और पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल हमीरपुर से गरजे। दूसरी तरफ, कांग्रेस संगठन की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया है। प्रदेश सरकार ने अपने स्तर से साफ किया है कि इस प्रकरण से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
सीएम कार्यालय ने इसे सरकार की छवि धूमिल करने वाला बताया। हालांकि, रिश्वत लेना के आरोपी तिलक राज का मजबूत सियासी रसूख हर सरकार में रहा है। लंबे समय तक एक ही जगह पर तैनाती के साथ पदोन्नति में उस पर सरकारों की मेहरबानी रही है। इसको लेकर दोनों ही दलों ने फिलहाल चुप्पी साधी हुई है।
सुक्खू बोले, भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस
कांग्रेस की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। रिश्वतकांड प्रकरण में जब तक कोई तथ्य सामने नहीं आते, कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। -सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
रिश्वत प्रकरण साबित करता है कि सरकार में कैसे भ्रष्टाचार हो रहा है। उसे प्रमोशन भाजपा ने नहीं, कांग्रेस सरकार ने दिया। प्रमोशन के बाद ट्रांसफर भी नहीं की गई। -राजीव बिंदल, मुख्य प्रदेश प्रवक्ता भाजपा