मतदान से 10 दिन पहले प्रत्याशी की मौत, फिर भी जीता
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हिमाचल में पंचायत चुनाव के नामांकन के ठीक बाद एक प्रत्याशी की मौत हो गई। लेकिन दस दिन बाद हुए मतदान में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। जानकारी के अनुसार पंचायत समिति वार्ड बिलासपुर से ओंकार सिंह की मौत हो गई लेकिन वह चुनाव जीत गए। ओंकार सिंह हड्डियों के स्पेशलिस्टों में शुमार थे। हड्डी टूटने पर वो सभी का मुफ़्त इलाज करते थे।
ओंकार सिंह की 3 जनवरी को हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। चर्चा है की समाजसेवी ओंकार को मरणोपरांत भी भारी मतों से विजयी बनाकर लोगों ने उनकी समाज सेवा को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। ओंकार सिंह को 803 मत पड़े, जबकि उनके विरुद्ध चुनाव लड़ रहे अन्य प्रत्याशियों में रविकांत को 723 मत, पुष्पा को 461 मत और राज कुमार को 259 मत पड़े।
25 साल से चुनाव जीत रहे थे ओंकार
ओंकार सिंह पिछले 25 सालों से समिति सदस्य बनते आए थे। इस बार भी उन्हें चुनाव में जीत मिली लेकिन उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। उधर, ब्लॉक समिति की निवर्तमान अध्यक्ष वीना देवी वार्ड नंदपुर भटोली से चुनाव हार गई हैं।
कांगड़ा के पार्षद अश्वनी का निधन
नगर परिषद कांगड़ा के वार्ड नंबर तीन से नवनिर्वाचित पार्षद अश्वनी काका का वीरवार को चंडीगढ़ पीजीआई में निधन हो गया। अश्वनी के निधन की खबर इलाके में आग की तरह फैल गई। अश्वनी पिछले पंद्रह दिनों से बीमार होने की वजह से पीजीआई में उपचाराधीन थे।
इससे पहले वो लगातार दो बार वार्ड नंबर तीन के पार्षद रह चुके थे। वीरवार सुबह उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से उनकी मौत हो गई। उनकी आत्मा की शांति के लिए नप परिसर में शोक सभा का आयोजन कर दो मिनट का मौन रखा गया।