तेजी से पांव पसार रही ये जानलेवा बीमारी, हर साल बढ़ रहे दो हजार मरीज
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हिमाचल में एक जानलेवा बीमारी तेजी से अपने पांव पसार रही है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हर साल इस बीमारी के मरीजों की संख्या हजारों में बढ़ती जा रही है।
हिमाचल में हर साल कैंसर के दो हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। बदली जीवनशैली और विषाक्त खानपान कैंसर के मुख्य कारक बताए जा रहे हैं। धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, खेतों में रसायनों का छिड़काव, जंक फूड और फैक्ट्रियों से निकलने वाले कैमिकल से लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।
वर्तमान में प्रदेश में पंद्रह हजार लोग इस जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। हर साल कईयों की मौत हो जाती है। सूबे में ज्यादातर कैंसर के मरीज पुरुष हैं। कैंसर के कुल मरीजों में से 56 फीसदी पुरुष जबकि 44 फीसदी महिलाएं हैं।
धूम्रपान से इन अंगों में हो रहा कैंसर
पुरुष धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं जबकि महिलाएं ब्रेस्ट और ओरल कैंसर का शिकार हो रही हैं। अकेले क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में तीन दिन के भीतर कैंसर के पांच नए मरीज सामने आए हैं। अस्पताल के कैंसर क्लीनिक में 350 पंजीकृत मरीज हैं।
इसके अलावा अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीजों की कीमोथैरेपी होती है। कैंसर की अंतिम स्टेज के मरीजों के लिए फरवरी से पैलियेटिव केयर सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हर साल कैंसर के औसतन दो हजार मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में भी रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं।
ये हैं कैंसर के लक्षण
शुरू में कैंसर का पता नहीं चलता। रोग के फैलने और बढ़कर नासूर बन जाने पर ही इसके लक्षण सामने आते हैं। रोग के प्रारंभिक चरण में कोई दर्द नहीं होता, लेकिन बाद में दर्द का अहसास होने लगता है। लक्षणों के प्रकार और रोग के स्थान पर ही कैंसर निर्भर करता है।
चेतावनी संकेत
आंत और मूत्राशय की आदतों में बदलाव
असामान्य रक्तस्राव
अपच या निगलने में कठिनाई
आवाज के साथ सूखी या कुकुर खांसी
त्वचा संक्रमण जो ठीक नहीं होता हो
स्तन में या कहीं और रसौली या गांठ
मस्सा या तिल में स्पष्ट परिवर्तन
कैंसर का निदान
कैंसर का निदान बहुत से तरीकों से किया जा सकता है। कुछ संकेत एवं चिन्हों सहित स्क्रीनिंग टेस्ट या चिकित्सकीय इमेजिंग के तरीके इसमें शामिल हैं। कैंसर होने की संभावना का पता लगने पर ऊतक नमूने का सूक्ष्म परीक्षण कर निदान किया जा सकता है। कैंसर का आम तौर पर इलाज कीमोथैरेपी, विकिरण रोगोपचार और सर्जरी से किया जा सकता है। प्रारंभिक अवस्था में कैंसर का उपचार संभव है।