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जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए चलेगा अभियान : डीसी
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स्कूलों में प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
26 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गेयटी में होगा कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला में 26 जून को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गेयटी थियेटर में जिला स्तरीय कार्यक्रम होगा। यह फैसला उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के संबंध में हुई बैठक में लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि 15 दिन तक जिलाभर में नशे के खिलाफ विशेष जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शिक्षण संस्थानों में नारा लेखन, भाषण प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, मैराथन, संगोष्ठियां और कार्यशालाएं होंगी। कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सामाजिक कार्य विभाग के साथ विशेष सेमिनार आयोजित होगा। 26 जून को गेयटी में होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
इसमें पहला स्थान हासिल करने पर 5000 रुपये, दूसरे स्थान पर 3000 और तीसरे स्थान पर 2000 रुपये इनाम के तौर पर दिए जाएंगे। इसके अलावा हर प्रतियोगिता में दो बच्चों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल में कार्यशाला होगी। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की टीम जिले में काउंसलिंग शिविर लगाएगी। जिला प्रशासन की प्राथमिकता जिला शिमला को नशा मुक्त बनाना है। अनुपम कश्यप ने कहा कि नशे को लेकर हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। डाइट के माध्यम से जिन शिक्षकों को नशे के खिलाफ विशेष प्रशिक्षण दिया है, उन्हें समाज में बदलाव लाने के लिए प्रभावी तरीके से कार्य करना होगा। जिलाभर में 50 मास्टर ट्रेनर नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाएंगे।
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स्कूल स्तर पर होंगी प्रतियोगिताएं
नशे के खिलाफ जिले के सभी स्कूलों में भाषण प्रतियोगिता, कविता लेखन प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 20 जून तक सभी स्कूलों में यह प्रतियोगिताएं होंगी। हर स्कूल में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे का चयन ब्लॉक स्तर के लिए होगा। फिर ब्लॉक स्तर पर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के लिए चयन होगा। ब्लॉक स्तर के बाद जिला स्तर पर कमेटी पहले दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चों का चयन करेगी।
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26 जून को अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गेयटी में होगा कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला में 26 जून को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गेयटी थियेटर में जिला स्तरीय कार्यक्रम होगा। यह फैसला उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के संबंध में हुई बैठक में लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि 15 दिन तक जिलाभर में नशे के खिलाफ विशेष जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शिक्षण संस्थानों में नारा लेखन, भाषण प्रतियोगिता, कविता प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, मैराथन, संगोष्ठियां और कार्यशालाएं होंगी। कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सामाजिक कार्य विभाग के साथ विशेष सेमिनार आयोजित होगा। 26 जून को गेयटी में होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
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इसमें पहला स्थान हासिल करने पर 5000 रुपये, दूसरे स्थान पर 3000 और तीसरे स्थान पर 2000 रुपये इनाम के तौर पर दिए जाएंगे। इसके अलावा हर प्रतियोगिता में दो बच्चों को सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी घंडल में कार्यशाला होगी। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की टीम जिले में काउंसलिंग शिविर लगाएगी। जिला प्रशासन की प्राथमिकता जिला शिमला को नशा मुक्त बनाना है। अनुपम कश्यप ने कहा कि नशे को लेकर हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। डाइट के माध्यम से जिन शिक्षकों को नशे के खिलाफ विशेष प्रशिक्षण दिया है, उन्हें समाज में बदलाव लाने के लिए प्रभावी तरीके से कार्य करना होगा। जिलाभर में 50 मास्टर ट्रेनर नशे के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाएंगे।
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स्कूल स्तर पर होंगी प्रतियोगिताएं
नशे के खिलाफ जिले के सभी स्कूलों में भाषण प्रतियोगिता, कविता लेखन प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 20 जून तक सभी स्कूलों में यह प्रतियोगिताएं होंगी। हर स्कूल में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चे का चयन ब्लॉक स्तर के लिए होगा। फिर ब्लॉक स्तर पर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के लिए चयन होगा। ब्लॉक स्तर के बाद जिला स्तर पर कमेटी पहले दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले बच्चों का चयन करेगी।