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हिमाचल में धूम मचा रहे कैलिफोर्निया वैरायटी के प्लम
Fri, 21 Aug 2020 10:55 AM IST
अरविन्द ठाकुर
विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 21 Aug 2020 10:55 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में कैलिफोर्निया वैरायटी के प्लम धूम मचा रहे हैं। बागवानों को इन वैरायटी के प्लम के दाम भी चोखे मिल रहे हैं। ब्लैक अंबर, फ्रायर और एंजीलीनो प्लम की पैदावार कर प्रदेश के बागवान अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं। तीनों किस्मों के प्लम तीन हफ्ते तक खराब नहीं होते हैं। बाजार में 180 रुपये किलो तक बिक रहे हैं। पुरानी सैंटारोजा और फ्रंटियर किस्मों के प्लम की सिर्फ 5 दिन मियाद रहती है।
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इन किस्मों के बाजार में बागवानों को 50 से 60 रुपये किलो दाम ही मिलते थे। नई किस्मों के प्लम से बागवानों की आमदनी भी अधिक होने लगी है। यह जल्दी खराब नहीं होते। इस कारण बागवानों को इन्हें बेचने का समय भी मिल जाता है। बागवानी विभाग ने वर्ष 2007 में कैलिफोर्निया से प्लम की किस्में आयात की थीं। इसके बाद अब बागवान ब्लैक अंबर, फ्रायर और एंजीलीनो प्लम की किस्मों के पौधों की मांग कर रहे हैं। प्लम के पौधे डेढ़ सौ रुपये में मिल रहे हैं।
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कब तैयार होता है कैलिफोर्निया का प्लम
तीनों किस्में अगस्त से सितंबर के बीच तैयार होती हैं। ब्लैक अंबर से 15 दिन बाद फ्रायर किस्म का प्लम तैयार होता है। यह काले रंग का बड़ा प्लम होता है। इन किस्मों के छह साल के पेड़ पांच किलो के 12 बक्से फल देते हैं। ये किस्में तीन साल के बाद फलों के सैंपल देने लगते हैं।
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क्या कहते हैं बागवानी विशेषज्ञ
बागवानी विभाग के पूर्व उप निदेशक और प्रगतिशील बागवान डॉ. एसके कटोच कहते हैं कि कोलिफोर्निया की तीनों किस्में बागवान खूब पसंद कर रहे हैं। इनमें फ्रायर की बाजार में मांग ज्यादा रहती है। इस बार यह दिल्ली मंडी में 160 से 180 रुपये किलो बिका है।