हिमाचल में पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा पर कैबिनेट लेगी फैसला
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प्रदेश में पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षाएं शुरू करने को लेकर कैबिनेट बैठक में फैसला होगा। केंद्र सरकार ने इस बाबत अंतिम फैसला लेने की जिम्मेवारी सरकार पर सौंपी है। सरकार बीते कई वर्षों से परीक्षाओं के पक्ष में है।
ऐसे में परीक्षा प्रणाली को कब से शुरू किया जाना है। इस पर कैबिनेट में मंथन किया जाएगा। संभावित है कि पहली मार्च को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मामले पर चर्चा होगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वर्तमान में पहली से आठवीं कक्षा तक स्कूलों में असेसमेंट परीक्षा होती है। किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाता। इस प्रक्रिया के चलते नवीं और दसवीं कक्षा में पहुंचते ही फेल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। बोर्ड परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है।
परीक्षाएं करवाने का सैद्धांतिक फैसला लिया
बीते साल केंद्र सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम में संशोधन करते हुए पांचवीं व आठवीं कक्षा की परीक्षाएं लेने या नहीं लेने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया है। इसी कड़ी में हिमाचल सरकार ने परीक्षाएं करवाने का सैद्धांतिक तौर पर फैसला ले लिया है।
यह नई व्यवस्था कब से शुरू की जानी है। इसको लेकर फैसला लिया जाना है। शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। इस शैक्षणिक सत्र या अगले शैक्षणिक सत्र से नई व्यवस्था शुरू होगी, इस पर कैबिनेट मुहर लगाएगी।