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अब नर्सों की ज्वाइनिंग का फैसला इनके हवाले
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 17 Sep 2014 11:45 AM IST
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हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड ने डेढ़ माह पहले 261 स्टाफ नर्स का चयन कर सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंपी लेकिन तैनाती अभी तक नहीं की। विभाग यह समझ नहीं पा रहा है कि स्टाफ नर्स की तैनाती रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के माध्यम से की जाए या अनुबंध पर।
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इसके लिए नए सिरे से प्रस्ताव कैबिनेट में ले जाने की तैयारी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद स्टाफ नर्स की ज्वाइनिंग मिलेगी। दरअसल, आरकेएस के माध्यम से स्टाफ नर्स तैनात करने की स्थिति में सरकार को हर साल तीन फीसदी की वेतन बढ़ोतरी देनी पड़ेगी।
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तीन साल सेवा पूरी होने के बाद उन्हें अनुबंध आधार पर तैनाती करनी होगी। इसके छह साल बाद नियमित करने का प्रावधान है। सीधे अनुबंध पर तैनाती देने की स्थिति में सरकार पर निर्भर होगा कि कितनी वेतन वृद्धि दी जाए।
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हालांकि, अनुबंध पर तैनाती करने की स्थिति में छह साल बाद इन्हें नियमित करना पड़ेगा। अब सरकार को यह तय करना है कि किस फार्मूले से आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में चयनित स्टाफ नर्स को ज्वाइनिंग लेटर नहीं दे रहा है। विज्ञापन में उल्लेख था कि रोगी कल्याण समिति के तहत अनुबंध आधार पर तैनाती की जाएगी।
लेटलतीफी
कैबिनेट स्तर पर तय होगा कि स्टाफ नर्स की तैनाती आरकेएस के माध्यम से की जाए या अनुबंध आधार पर। इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा है।
- डा. आरके शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय