उपचुनाव: हिमाचल के इन क्षेत्रों में हुआ मतदान का बहिष्कार, जानें वजह
उपचुनाव के लिए शनिवार को प्रदेश के 14 जगहों पर मतदान का बहिष्कार हुआ। कहीं बिजली प्रोजेक्ट तो कहीं राशन की दुकान, मोबाइल नेटवर्क और रोड कनेक्टिविटी के मुद्दे पर सरकारी उदासीनता के चलते लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया।
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हिमाचल प्रदेश में निर्वाचन विभाग के लाखा प्रयासों के बावजूद 14 जगहों पर हजारों की संख्या में मतदाताओं ने राज्य सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताते हुए विभिन्न मांगों को लेकर उपचुनाव के लिए हुए मतदान में भाग नहीं लिया। कहीं बिजली प्रोजेक्ट तो कहीं राशन की दुकान, मोबाइल नेटवर्क और रोड कनेक्टिविटी के मुद्दे पर सरकारी उदासीनता के चलते लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। जिन क्षेत्रों में मतदान का बहिष्कार किया गया वहां पर चुनाव विभाग की टीमों ने लोगों से विशेष आग्रह किया लेकिन लोग अपनी जिद पर अड़े रहे।
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जिन क्षेत्रों में मतदान नहीं हुआ उनमें किन्नौर के रारंग, शैलापुर, खदरा, जौंगी और अक्पा के अलावा भरमौर विधानसभा क्षेत्र के अहलीमी, कलमाला, ठोकला, बिलमुई, कलह, रामपुर क्षेत्र के शरण, खेरी और रुनपु में एक भी मतदाता ने मतदान नहीं किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी पालरासू ने बताया कि सभी जगह पर मतदान कर्मियों को लोगों को समझाने के लिए भेजा गया था। भरमौर के घुड़ेथ में बहिष्कार करने वालों को अधिकारियों ने समझाया जिसके बाद 166 लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
वहीं, मंडी लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में कड़ाके की ठंड में मतदान हुआ। दुनिया के सबसे ऊंचे टशीगंग समेत जिले के कई मतदान केंद्रों में सुबह मतदान के समय तापमान शून्य से 6 डिग्री नीचे तक रिकॉर्ड किया गया। यहां सबसे अधिक उम्र के मतदाता सोनम डोलमा (76) ने अपना पहला मत डाला। इसके उपरांत केंद्र के सभी 47 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 29 परुष और 18 महिलाओं ने वोट किया है। लोग बर्फ में चलकर मतदान केंद्रों में वोट डालने पहुंचे। टशीगंग में मतदाताओं के साथ ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया। निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम खुद पारंपरिक वस्त्र पहनकर पहुंचे।