उपलब्धि: अर्चना बनीं हिमाचल पीडब्ल्यूडी की पहली महिला इंजीनियर इन चीफ
अर्चना ठाकुर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इंजीनियर इन चीफ प्रोजेक्ट पद पर आसीन होने वाली प्रदेश की पहली महिला अभियंता बन गई हैं। आदेश के अनुसार उन्हें इंजीनियर इन चीफ प्रोजेक्ट का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंप गया है।
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हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इंजीनियर इन चीफ प्रोजेक्ट अर्चना ठाकुर को जयराम सरकार ने विभाग का नया इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी) नियुक्त कर दिया है। इस आदेश के साथ ही अर्चना ठाकुर इस पद पर आसीन होने वाली प्रदेश की पहली महिला अभियंता बन गई हैं। आदेश के अनुसार उन्हें इंजीनियर इन चीफ प्रोजेक्ट का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंप गया है। ईएनसी के आदेश जारी होने के बाद अर्चना ठाकुर ने अमर उजाला से बातचीत में सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा उनकी पहली प्राथमिकता रोड सेफ्टी और बेहतर सड़कें देना रहेगी।
उन्होंने कहा कि चूंकि सड़क नेटवर्क ही प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण संपर्क साधन है, इसलिए इस नेटवर्क को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जाएगा। नई सड़कों के निर्माण के अलावा सड़कों के रखरखाव पर खास जोर देंगी। अगस्त 1988 में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर विभाग में नियुक्त हुईं अर्चना ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से बी टेक किया है। वह कहती हैं कि चूंकि पिता इंजीनियर थे, इसलिए उन्हें देखकर इंजीनियर बनने का प्रोत्साहन मिला। उनके पति दलजीत ठाकुर वर्तमान में आईजी सीआईडी इंटेलिजेंस के पद पर तैनात हैं।
ऋतुराज वर्मा बने संयुक्त सचिव
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने विभागीय पदोन्नति कमेटी की सिफारिश पर उप सचिव ऋतुराज वर्मा को संयुक्त सचिव के पद पर पदोन्नति दे दी है। इसके साथ ही सरकार ने अवर सचिव गृह बलबीर सिंह को अवर सचिव कार्मिक और प्यारे लाल को अवर सचिव परिवहन नियुक्त कर दिया है। इसके अलावा संयुक्त सचिव राजस्व सुनील वर्मा को गृह विभाग में संयुक्त सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है।