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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   By-election results Dharamshala and side story of cm jairam thakur and sudhir sharma

धर्मशाला उपचुनाव: निशाने पर लगे जयराम और सुधीर के तीर

Fri, 25 Oct 2019 01:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 25 Oct 2019 01:20 PM IST
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By-election results Dharamshala and side story of cm jairam thakur and sudhir sharma
पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा (फाइल फोटो)

धर्मशाला के रण में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के सियासी तीर निशाने पर लगे। नड्डा, धूमल और शांता गुटों के प्रत्याशियों को टिकट न देकर पच्छाद और धर्मशाला में अपने युवा सेनापति रण में उतारने का दांव जयराम का सटीक बैठ गया। धर्मशाला उपचुनाव में दिव्य दृष्टि से हार की तस्वीर देखने वाले सुधीर शर्मा का चुनाव न लड़ने का दांव भी सही रहा। आखिरी दिन महात्मा और चूहे की कहानी सुनाना भी काम आ गया।

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हालांकि, सुधीर के लिए बड़े नेताओं और विजय इंद्र कर्ण का मोर्चा खोलना भारी पड़ सकता है। मोदी मैजिक और कांग्रेस की गुटबाजी के सहारे लगातार दो जीत से मजबूत हुए जयराम अब आने वाले दिनों में कांगड़ा की राजनीति में कई फेरबदल कर सकते हैं। राकेश पठानिया के मंत्री बनने का सपना और कांगड़ा के बड़े नेताओं की अंदरूनी कलह पर विराम कैसे लगेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। नए गद्दी नेता विशाल नैहरिया की एंट्री से किशन कपूर के राजनीतिक भविष्य पर क्या असर पड़ेगा, यह देखना भी रोचक होगा। 
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ओबीसी कार्ड चला पर जीत नहीं दिला पाया
धर्मशाला उपचुनाव में ओबीसी कार्ड चला लेकिन जीत में नहीं बदल सका। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने गद्दी समुदाय के प्रत्याशी उतारे थे। ओबीसी समुदाय के निर्दलीय उम्मीदवार राकेश चौधरी ने दोनों को खूब टक्कर दी। 16740 वोट हासिल कर  राकेश चौधरी ने कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जब्त करवा दी।

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मंत्री पद से महरूम हो सकता है धर्मशाला

धर्मशाला दो दशक बाद पहली बार मंत्री पद से महरूम रह सकता है। धर्मशाला को 1998 में मंत्री पद मिला था जो लगातार बरकरार रहा। अगर विशाल को मंत्री पद नहीं मिला तो दो दशक बाद पहली बार धर्मशाला के हाथ से मंत्री पद खिसक जाएगा। 

मुकेश, राठौर, बाली की तिकड़ी का जोर धराशायी
धर्मशाला में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर और पूर्व मंत्री जीएस बाली की जोर आजमाइश भी धराशायी हो गई। विप्लव ठाकुर को उपचुनाव प्रभारी बनाने से कांग्रेस को संजीवनी नहीं मिल पाई। कांग्रेस को सुधीर शर्मा और प्रत्याशी विजय इंद्र कर्ण के पोलिंग बूथों पर ही लीड नहीं मिल पाई। 
बिक्रम, सरवीण चमके, धवाला के सेक्टर में निर्दलीय को लीड
धर्मशाला उपचुनाव में जीत का जिम्मा जयराम ने सरवीण चौधरी, रमेश धवाला, बिक्रम ठाकुर और हंसराज पर सेक्टर इंचार्ज बनाकर डाला था। बिक्रम ठाकुर ने अपने सेक्टर में 3425, सरवीण चौधरी ने 3152, हंसराज ने 819 की लीड लेकर जयराम के कंधे मजबूत किए। वहीं, रमेश धवाला के सेक्टर में निर्दलीय उम्मीदवार राकेश को 3447 की लीड मिली।

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