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Shimla News: देवी के चित्रों वाले पटाखे बेचने पर बंट गए कारोबारी
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कारोबारी नेता बोले, ऐसे पटाखे बेचना गलत
सरकार को बंद करना चाहिए इनका निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दिवाली पर देवी के चित्रों वाले पटाखे न बेचने के प्रदेश व्यापार मंडल के फैसले पर शिमला के कारोबारी बंट गए हैं। कारोबारियों का एक धड़ा इस फैसले का समर्थन कर रहा है तो दूसरा धड़ा फिलहाल इसे तर्कसंगत नहीं बता रहा।
प्रदेश व्यापार मंडल ने दिवाली पर देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखे न बेचने का फैसला लिया था। ऐसा करने पर मुकदमा तक दर्ज करने की बात कही थी। उधर शिमला शहर में लगाए गए पटाखों के कई स्टॉलों पर कारोबारी देवी के चित्रों वाले पटाखे बेच रहे हैं। शहर के सबसे बड़े पटाखा बाजार आइस स्केटिंग रिंक समेत उपनगरों में भी कई कारोबारियों के पास ऐसे पटाखों का स्टॉक पड़ा है। इनका कहना है कि वह व्यापार मंडल के फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन अब जो स्टॉक खरीद लिया है, उसे बेचना भी जरूरी है। दूसरा धड़ा ऐसे पटाखों की बिक्री न करने को लेकर कारोबारियों को जागरूक कर रहा है।
दोनों व्यापार मंडलों केे अपने तर्क
हरजीत मंगा की अध्यक्षता वाले व्यापार मंडल का दावा है कि शिमला का कोई भी कारोबारी ऐसे पटाखे नहीं बेच रहा। जो बेच रहे हैं, वह शिमला के नहीं हैं। अध्यक्ष हरजीत मंगा ने कहा कि यह मामला आस्था से जुड़ा है और कारोबारियों को इस बारे में जागरूक भी कर रहे हैं। दूसरे व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि वह भी प्रदेश व्यापार मंडल के फैसले के साथ हैं और ऐसे पटाखे नहीं बिकने चाहिए। लेकिन पहले इनका निर्माण बंद होना चाहिए। अब जो कारोबारी इन्हें खरीद चुके हैं, वह इन्हें बेचने को मजबूर हैं।
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सरकार को बंद करना चाहिए इनका निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। दिवाली पर देवी के चित्रों वाले पटाखे न बेचने के प्रदेश व्यापार मंडल के फैसले पर शिमला के कारोबारी बंट गए हैं। कारोबारियों का एक धड़ा इस फैसले का समर्थन कर रहा है तो दूसरा धड़ा फिलहाल इसे तर्कसंगत नहीं बता रहा।
प्रदेश व्यापार मंडल ने दिवाली पर देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखे न बेचने का फैसला लिया था। ऐसा करने पर मुकदमा तक दर्ज करने की बात कही थी। उधर शिमला शहर में लगाए गए पटाखों के कई स्टॉलों पर कारोबारी देवी के चित्रों वाले पटाखे बेच रहे हैं। शहर के सबसे बड़े पटाखा बाजार आइस स्केटिंग रिंक समेत उपनगरों में भी कई कारोबारियों के पास ऐसे पटाखों का स्टॉक पड़ा है। इनका कहना है कि वह व्यापार मंडल के फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन अब जो स्टॉक खरीद लिया है, उसे बेचना भी जरूरी है। दूसरा धड़ा ऐसे पटाखों की बिक्री न करने को लेकर कारोबारियों को जागरूक कर रहा है।
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दोनों व्यापार मंडलों केे अपने तर्क
हरजीत मंगा की अध्यक्षता वाले व्यापार मंडल का दावा है कि शिमला का कोई भी कारोबारी ऐसे पटाखे नहीं बेच रहा। जो बेच रहे हैं, वह शिमला के नहीं हैं। अध्यक्ष हरजीत मंगा ने कहा कि यह मामला आस्था से जुड़ा है और कारोबारियों को इस बारे में जागरूक भी कर रहे हैं। दूसरे व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि वह भी प्रदेश व्यापार मंडल के फैसले के साथ हैं और ऐसे पटाखे नहीं बिकने चाहिए। लेकिन पहले इनका निर्माण बंद होना चाहिए। अब जो कारोबारी इन्हें खरीद चुके हैं, वह इन्हें बेचने को मजबूर हैं।
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