नवरात्रों पर शहर में 50 फीसदी घटा कारोबार, व्यापारियों में निराशा
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शिमला के बाजारों में नवरात्रों के मौके पर कारोबार मंदी के दौर से गुजर रहा है। कारोबारियों के मुताबिक पहले की अपेक्षा कारोबार में 50 फीसदी कमी आई है। कारोबार कम होने से व्यापारियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
कारोबारियों का कहना है कि जीएसटी लगने से बाजारों में रौनक कम हो गई है। महंगाई के कारण लोगों का खरीदारी में रुझान कम हो गया है। शिमला व्यापार मंडल के प्रधान इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जीएसटी बढ़ने से सामान की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
पहले कारोबारियों को तीन महीनों में टैक्स देना पड़ता था लेकिन अब जीएसटी की वजह से हर महीने में टैक्स देना पड़ रहा है। नवरात्रों में पहली बार व्यापारियों को इतनी मंदी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार आम जनता भी झेल रही है। कारोबार में करीब 50 फीसदी की गिरावट आ गई है। व्यापार मंडल के प्रधान इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जीएसटी लगने से कारोबारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे आम जनता भी परेशान है।
क्या कहते हैं कारोबारी
कपड़े की दुकानों में मंदी
सच्ची दुकान के कारोबारी अरुण गुप्ता ने कहा कि महंगाई बढ़ने से आम जनता ने अपनी खरीदारी में कटौती कर दी है। लोग खरीदारी में कम रुझान दिखा रहे हैं। उधर, आशीर्वाद दुकान के कारोबारी अशोक कुकरेजा ने कहा कि फैक्टरियों से कपड़ों के माल में कमी के कारण कारोबार में कमी आई है। इससे लोग बाजार को रुख कम कर रहे हैं।
ज्वेलरी का कारोबार भी घटा
कारोबारी ललित शारदा ने कहा कि शिमला में पार्किंग की समस्या के कारण लोग बाजार में कम आते हैं। लोग नजदीक की दुकानों में ज्वेलरी लेना पसंद कर रहे हैं। उधर, लक्ष्मी ज्वेलर के कारोबारी नितिन ने कहा कि कारोबार में कमी का सबसे बड़ा कारण ज्वेलरी खरीदने के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड जैसे प्रमाण पत्र की जरूरत से लोग परेशान हैं। वहीं, लोगों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से परेशानी होती है।
जीएसटी बढ़ने से बढ़ी कीमतें
अग्रवाल सन और शाइन के कारोबारी सौरभ अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी बढ़ने से सारी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। इससे आम जनता पर जीएसटी की मार पड़ रही है। उधर, गणेशवर लाल राजेश्वर लाल जैन के कारोबारी विनोद जैन ने कहा कि इस वर्ष नवरात्रों पर कारोबार में 40 प्रतिशत मंदी छा गई है। ज्यादातर लोग आवश्यकता अनुसार वस्तुओं को खरीद रहे हैं।