बस किराए पर सरकार ने लिया आखिरी फैसला
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प्रदेश में भले ही डीजल के रेट कम हुए हों लेकिन सरकार बस किराये को कम करने के पक्ष में नहीं है। सरकार ने किराया कम न करने के पीछे तर्क दिया है कि महीनों पहले डीजल के दाम में 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी, इसके चलते किराया बढ़ाया गया था।
अगर डीजल के रेट प्रति लीटर 10 रुपये तक की कमी आती है तो किराया कम किए जाने पर विचार किया जा सकता है। यह जानकारी परिवहन मंत्री जीएस बाली ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में दी।
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि जनवरी 2015 में परिवहन निगम को 800 नई बसें मिलेंगी। ये बसें जेएनएनयूआरएम के तहत मिल रही हैं। इन बसों का किराया फिक्स होगा। फेज वाइज ये किराया वसूल किया जाएगा।
चंडीगढ़ का रहेगा फिक्स किराया
शिमला से चंडीगढ़ चलने वाली बसों में अगर सोलन की सवारी बैठती है तो उस सवारी से चंडीगढ़ के लिए फिक्स किया गया किराया ही वसूल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई बसों का रंग नीला होगा। इनमें कई बसें 42 सीटर होंगी तो कई छोटी बसें जो शहर में चलाई जाएंगी।
1500 मीट्रिक टन के गोदाम बनेंगे
प्रदेश में खाद्य वस्तुओं की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए हिमाचल में तीन 1500 मिट्रिक टन गोदाम खोलने का फैसला लिया है। ये गोदाम धर्मशाला, सोलन और मंडी में खोले जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश के हर जिले में गोदाम हैं लेकिन इनकी क्षमता काफी कम है। ऐसे में राशन स्टोर करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं।