Budget 2024: केंद्रीय बजट से हिमाचल के बागवानों को क्या है उम्मीदें, ग्राउंड रिपोर्ट अमर उजाला पर
Union Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को मोदी सरकार का 13वां बजट पेश करेंगी। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के बागवानों और किसानों को राहत की उम्मीद है।
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केंद्र सरकार की ओर से 23 जुलाई को पेश किए जाने वाले बजट से प्रदेश के बागवानों और किसानों को राहत की उम्मीद है। किसान और बागवानों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से कृषि उपकरणों, उर्वरकों और दवाओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार बजट में इनकी कीमतें कम करने का प्रावधान करे। इसके अलावा फलों और फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा फसलों को बीमा के दायरे में लाया जाए। बागवान मांग कर रहे हैं कि बाहरी देशों के सेब पर आयात शुल्क बढ़ाया जाए।
'नजदीकी क्षेत्रों में खुलें बागवानी विश्वविद्यालय'
बागवान बजट से उम्मीद कर हैं कि पौधों में होने वाली बीमारी की जांच करवाने के लिए नजदीकी क्षेत्रों में लैब और विश्वविद्यालय खोले जाएं। सेब से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिले के बागवानों को बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी जाना पड़ा है- रूप लाल जस्टा, बागवान, बाघी क्षेत्र
'बजट में हो बागवानी अर्थव्यवस्था का प्रावधान'
बागवानी में सुधार के लिए मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट प्रावधान होना चाहिए। प्रदेश में हजारों लोगों का कारोबार बागवानी पर ही निर्भर है- प्रेम ओम्टा, बागवान, बाघी क्षेत्र
'बीमारियों के खात्मे के लिए उपलब्ध हो दवाएं'
बागवानों को हर वर्ष पौधों में होने वाली बीमारियों से बहुत नुकसान होता है। बाजार में इन बीमारियों के रोकथाम के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए बजट में इसका प्रावधान किया जाए- कलम सिंह शोबटा, बागवान
'बजट में दी जाए महंगाई से राहत'
बजट में महंगाई से राहत दी जाए। गैस सिलैंडर, बिजली, पानी और राशन पर टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए। बिजली से लेकर राशन तक सारी चीजें महंगी हो गई हैं। यही हाल रहा तो ऐसे में घर चलाना भी मुश्किल हो जाएगा- प्रेमलता, गृहणी, शिमला