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Shimla News: चिट्टा तस्करी मामले के दोनों आरोपी बरी
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एसआईयू टीम ने बरामद किया था चिट्टा
टुटू-जुब्बड़हट्टी मार्ग पर आरोपियों को पकड़ने का था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। विशेष न्यायाधीश (वन) अजय मेहता की अदालत ने चिट्टा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21 एवं 29 के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया। आरोपी बबली कुमार पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 196 का आरोप भी था जिसमें वह बरी हुए। यह मामला 7 जुलाई 2021 का है, जब शिमला पुलिस की एसआईयू टीम को सूचना मिली कि टैक्सी में सवार दोनों आरोपी जुब्बड़हट्टी की ओर से चिट्टा (हेरोइन) लेकर आ रहे हैं। पुलिस ने टुटू-जुब्बड़हट्टी मार्ग पर कैंची मोड़ के पास नाका लगाया था और शाम करीब 9:15 बजे वाहन रोककर तलाशी ली। वाहन की छत से प्लास्टिक पाउच बरामद हुआ। इसमें 8.65 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) मिला। अदालत ने अभियोजन पक्ष की कहानी पर गंभीर संदेह जताते हुए आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया।
अदालत के मुताबिक एकमात्र स्वतंत्र गवाह ने क्रॉस-एग्जामिनेशन में कहा कि घटना के समय वह नशे में थे और पुलिस के कहने पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने अपनी मुख्य गवाही को गलत बताया। पुलिस गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। इसमें घटनास्थल की दूरी, दुकानों-ढाबों की मौजूदगी, आरोपी प्रकाश शर्मा की सीटिंग पोजीशन (फ्रंट या रियर सीट) पर असहमति भी मुख्य कारण बनी। अदालत ने पाया कि पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों या लोगों से स्वतंत्र गवाह जोड़ने के ईमानदार प्रयास नहीं किए जबकि जुलाई में दिन लंबे होते हैं और उस समय वाहन चल रहे थे। जांच अधिकारी और अन्य गवाहों की गवाही में समय, दूरी और प्रक्रिया पर अस्पष्टता भी पाई गई। इससे रिकवरी की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। यहां अभियोजन पक्ष आरोपी की जानबूझकर हेरोइन कब्जे को उचित संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
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टुटू-जुब्बड़हट्टी मार्ग पर आरोपियों को पकड़ने का था दावा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। विशेष न्यायाधीश (वन) अजय मेहता की अदालत ने चिट्टा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21 एवं 29 के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया। आरोपी बबली कुमार पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 196 का आरोप भी था जिसमें वह बरी हुए। यह मामला 7 जुलाई 2021 का है, जब शिमला पुलिस की एसआईयू टीम को सूचना मिली कि टैक्सी में सवार दोनों आरोपी जुब्बड़हट्टी की ओर से चिट्टा (हेरोइन) लेकर आ रहे हैं। पुलिस ने टुटू-जुब्बड़हट्टी मार्ग पर कैंची मोड़ के पास नाका लगाया था और शाम करीब 9:15 बजे वाहन रोककर तलाशी ली। वाहन की छत से प्लास्टिक पाउच बरामद हुआ। इसमें 8.65 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) मिला। अदालत ने अभियोजन पक्ष की कहानी पर गंभीर संदेह जताते हुए आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया।
अदालत के मुताबिक एकमात्र स्वतंत्र गवाह ने क्रॉस-एग्जामिनेशन में कहा कि घटना के समय वह नशे में थे और पुलिस के कहने पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने अपनी मुख्य गवाही को गलत बताया। पुलिस गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास पाए गए। इसमें घटनास्थल की दूरी, दुकानों-ढाबों की मौजूदगी, आरोपी प्रकाश शर्मा की सीटिंग पोजीशन (फ्रंट या रियर सीट) पर असहमति भी मुख्य कारण बनी। अदालत ने पाया कि पुलिस ने घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों या लोगों से स्वतंत्र गवाह जोड़ने के ईमानदार प्रयास नहीं किए जबकि जुलाई में दिन लंबे होते हैं और उस समय वाहन चल रहे थे। जांच अधिकारी और अन्य गवाहों की गवाही में समय, दूरी और प्रक्रिया पर अस्पष्टता भी पाई गई। इससे रिकवरी की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। यहां अभियोजन पक्ष आरोपी की जानबूझकर हेरोइन कब्जे को उचित संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
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