हिमाचल प्रदेश: ओहदे के तलबगारों को नवरात्रों में मिल सकता है तोहफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में ‘ओहदों’ की दूसरी सूची भी जल्द जारी हो सकती है। नवरात्र में ही भाजपा के कुछ और नेताओं को तोहफे मिल सकते हैं। तीन नेताओं की निगम-बोर्डों में नियुक्तियां हो चुकी हैं। कुछ अन्य नामों पर भी जल्द फैसला हो सकता है। इसी बीच भाजपा के दर्जनों नेता अपनी तैनातियों का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नवरात्र से पहले संकेत दिए थे कि वे जल्द बोर्डों-निगमों में अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की नियुक्तियों पर फैसले ले सकते हैं। इसी क्रम में सरकार ने ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला को कैबिनेट रैंक का दर्जा देते हुए उन्हें योजना बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। दो अन्य नियुक्तियों में चंबा से भाजपा नेता जय सिंह की राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति निगम के उपाध्यक्ष पद पर तैनाती की गई।
भाजपा किसान मोर्चा नेता बलदेव भंडारी की राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की गई। इससे पहले जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेंद्र बरागटा की सरकारी मुख्य सचेतक पद पर नियुक्ति की जा चुकी है। अभी उप मुख्य सचेतक का पद खाली है। इसके लिए नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया और पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी में से किसी एक की नियुक्ति पर विचार चल रहा है।
कई पदों को लोस चुनाव के बाद तक खाली छोड़ सकते हैं सीएम
यह राज्य मंत्री के बराबर का पद है। बोर्डों-निगमों और अन्य अर्द्धसरकारी या सरकारी नियंत्रण की संस्थाओं में भी दो दर्जन अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और इसी के समकक्ष पद भरने पर विचार चल रहा है। इनके लिए एक अनार सौ बीमार की स्थिति बनी हुई है। सीएम कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि हो सकता है कि यह दूसरी सूची भी नवरात्र में ही जारी हो।
सीएम जयराम कई पदों को लोकसभा चुनाव के बाद तक खाली भी छोड़ सकते हैं। अंदर की जानकारी रखने वालों की मानें तो चुनाव से पहले वह किसी को नाराज नहीं करना चाहेंगे। दरअसल, ओहदे दो दर्जन या इसके आसपास हैं और इनके तलबगार कई गुणा हैं। ऐसे में हो सकता है कि सीएम एक साथ सभी पदों पर ताजपोशियों का जोखिम न लें और लोकसभा चुनाव में नेताओं के प्रदर्शन को देखते हुए ही पद बांटे जाएं।