शिमला में एलपीजी रिसाव से धमाका, एक घायल, लाखों का नुकसान
संजौली के लोअर सांगटी में बुधवार सुबह करीब सात बजे रसोई गैस पाइप में रिसाव से हुए धमाके में एक व्यक्ति घायल हो गया। इस धमाके से पूरे फ्लोर के दरवाजे और खिड़कियां और अन्य फर्नीचर टूट गया है।
शुरूआती जांच में सामने आया है कि हादसा रसोई गैस सिलिंडर से नहीं बल्कि पाइप से हुआ है। पाइप में क्रेक थे इस वजह से गैस लीक हो रही थी। घायल को आईजीएमसी में भर्ती करवाया है। घायल रमेश कुमार शर्मा इस हादसे में 30 फीसदी तक झुलस गए हैं।
इनकी टांगों, बाजू और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। छोटा शिमला अग्निशमन केंद्र से बचाव दल मौके पर पहुंचा था लेकिन तब तक पड़ोसियों ने घायल को आईजीएमसी पहुंचा दिया था। घटना के वक्त घर पर रमेश कुमार और उनकी पत्नी ही मौजूद थे।
धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी मदद के लिए पहुंचे और घायल को बाहर निकाला। धमाका इतना जबरदस्त था कि घर की खिड़कियां और दरवाजे दीवारों से छिटककर दूर जा गिरे थे।
एसडीएम शहरी नीरज चांदला, वार्ड की पार्षद मीरा शर्मा, नायब तहसीलदार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी जेसी शर्मा, डिविजनल फायर आफिसर और थाना ढली प्रभारी मौके पर पहुंचे थे।
कैसे होता है गैस रिसाव से धमाका
उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। संबंधित कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पाइप में क्रेक थे और इससे गैस का रिसाव हुआ। इस वजह से यह हादसा हुआ। सिलिंडर में किसी तरह की कोई खामी नहीं पाई गई।
उपमंडलीय अग्निशमन अधिकारी डीसी शर्मा के मुताबिक धीरे-धीरे गैस का रिसाव होता रहता है और गैस कमरे के भीतर एकत्र हो जाती है। आक्सीजन के साथ मिक्स होकर यह गैस एक गोले का रूप ले लेती है। इस दौरान जब कोई बिजली का स्विच ऑन करता है या फिर माचिस जलाने की कोशिश करता है तो गैस को चिंगारी मिलते ही धमाका हो जाता है।
ऐसे करें बचाव
अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि कुछ एहतियात बरतने पर ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है। सिलिंडर की सप्लाई लेते हुए इसे जानकार से ही लगवाएं।
सप्लाई पाइप के पुराना होने पर इसे बदलते रहें, अच्छी क्वालिटी की आईएसआई मार्क पाइप ही इस्तेमाल करें। गैस चूल्हे पर बराबर नजर रखें। कई बार हवा से भी आंच बंद हो जाती है और गैस रिसाव होता रहता है। किचन में उचित हवा की निकासी होना जरूरी है।
गैस की दुर्गंध आने की स्थिति में कमरे में कोई भी स्विच ऑन न करें। सबसे पहले खिड़की दरवाजे खोलें ताकि गैस बाहर निकल जाए जाए। रिसाव होने पर संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर रेगुलेटर को चेक करवाएं।