बगावत करने वाले को लेकर भाजपा ने लिया बड़ा फैसला, ये बोले पार्टी अध्यक्ष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा प्रदेश चुनाव समिति की बिलासपुर में हुई बैठक में बगावत को लेकर कड़ा रुख अपनाने का फैसला हुआ। एक सीट पर कई दावेदार होने से पार्टी में प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद घमासान मचने के आसार हैं।
प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने साफ किया कि बगावत को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी जिसे प्रत्याशी घोषित करेगी, दूसरे दावेदार उसका समर्थन कर प्रचार अभियान का हिस्सा बनेंगे। श्री नयनादेवी में करीब 4 घंटे बैठक चली।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में सत्ती ने कहा कि विस चुनावों को लेकर पार्टी ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। उन्होंने साफ किया कि चुनावों में बगावत करने वालों के लिए यह आखिरी बगावत होगी। अगर कोई भी नेता या कार्यकर्ता बगावत करता है तो पार्टी से निष्काषित कर दिया जाएगा।
भविष्य के लिए बंद हो जाएगे दरवाजे
भविष्य में पार्टी में वापस आने के उसके दरवाजे बंद होंगे। पार्टी एक परिवार है और सभी सदस्यों को एकसाथ मिलकर चुनाव में काम करना हैं। उन्होंने बताया कि चुनावों को लेकर उम्मीदवारों की लिस्ट छंटनी हो चुकी है।
अब उम्मीदवारों के नाम सात दिन के अंदर प्रदेश चुनाव समिति की दूसरी बैठक में तय किए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीएम वही होगा, जो हाईकमान तय करेगा।
प्रदेश में चुनाव पीएम के नाम पर लड़ा जाएगा या सीएम उम्मीदवार के नाम पर, यह हाईकमान तय करेगा। अगर हाईकमान सीएम उम्मीदवार के बारे में उनसे पूछेगा, तभी वे कुछ बताएंगे। चुनाव में युवा, महिलाओं और वरिष्ठ नेताओं को बराबर का मौका दिया जाएगा।
नड्डा के आगे पीछे मंडराते रहे दावेदार
विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की लंबी कतार बुधवार को श्री नयना देवी में लगी रही। टिकट की चाह लेकर श्री नयना देवी पहुंचे नेता संसदीय बोर्ड के महासचिव और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आगे पीछे मंडराते रहे। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के अलावा वरिष्ठ नेताओं से भी संपर्क साधा।
कुछ दावेदार श्री नयना देवी में वरिष्ठ नेताओं से आशीर्वाद मांगते देखे गए। वे अपने बाप-दादाओं की ओर से पार्टी के लिए किए गए कार्य के बदले टिकट के रूप में आशीर्वाद की मांग करने से भी नहीं कतरा रहे थे। बिलासपुर सदर से टिकट की चाह में सुभाष शर्मा, रूप लाल ठाकुर, डॉ. महेंद्र पाल, अमरकांत चड्ढा,
डलहौजी से मनोज चड्ढा, चौपाल से अमित सिंह, द्रंग से रमेश शर्मा, ठाकुर लाल चंद, अर्की से गोबिंद शर्मा और संतोष शुक्ला, शिमला ग्रामीण से रतिराम शॉडिलय, मंडी के बल्ह से रवि कांत, लाल सिंह देशवंधु, नाचन से रूप सिंह कौंडल, कांगड़ा के जय सिंह पूर से अजय कबीर, झंडूता से मनोज कुमार धीमान के
अलावा ठियोग और रोहडू से भी टिकट की चाह में कई नेता श्री नयना देवी पहुंचे थे। उक्त सभी टिकट के चाहवान सुबह से श्री नयना देवी में अपनी-अपनी गोटियां फिट करते देखे गए। हालांकि, उक्त नेता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं से मिले, लेकिन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आसपास टिकट की चाह पाले बैठे नेताओं की लंबी कतारें लगी रही।
भाजपा ने टिकट दावेदारों के नामों पर की चर्चा
भाजपा प्रदेश चुनाव समिति की बिलासपुर के श्री नयनादेवी में हुई बैठक में अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों से दावेदारों के नामों पर चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।
बैठक में कांग्रेस के मौजूदा विधायकों वाले विधानसभा क्षेत्रों पर पार्टी का फोकस रहा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक करीब चालीस सीटों पर चर्चा हुई, जिसमें तीन से पांच दावेदारों के नाम चुनाव समिति के पास पहुंचे थे।
यह भी तय हुआ कि भाजपा के सभी सीटिंग विधायकों का नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाने वाले पैनल में रखा जाएगा। एक सीट पर न्यूनतम तीन दावेदार का पैनल तैयार किया जाना है। एक सप्ताह के अंदर एक और बैठक होगी, जिसमें पैनल को अंतिम रूप दिया जाएगा।