चुनाव से पहले भाजपा सांसद शांता कुमार ने दिया बड़ा बयान
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लोकसभा चुनाव नजदीक आते देख भाजपा सांसद शांता कुमार ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। राजनीति की चक्की में पिछले एक दशक से पिस रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय को शांता कुमार ने अब सफेद हाथी के सियासी भंवर में धकेल दिया है। अक्तूबर माह में शिलान्यास के वायदों के बीच अब शांता कुमार ने केंद्रीय विवि को तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में चलाने का नया शिगूफा छेड़ा है।
धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान शांता कुमार ने कहा कि तपोवन स्थित विधानसभा परिसर सरकार के लिए सफेद हाथी से ज्यादा कुछ नहीं। वर्ष में इस परिसर का महज 5 से 6 दिन प्रयोग होता है। छह दिनों के लिए डेढ़ से दो करोड़ रुपये सरकार के खर्च होते हैं। विधानसभा परिसर का सदुपयोग नहीं हो रहा है। जनता को इसका कोई लाभ नहीं हो रहा है।
इसलिए, इस परिसर को केंद्रीय विवि को दे देना चाहिए जिससे छात्रों को पढ़ने के लिए कम से कम कमरे तो मिल सकें। अगर ऐसा होता है तो हम केंद्रीय विवि का अब शिलान्यास नहीं बल्कि सीधा उद्घाटन ही करवाएंगे। शांता ने कहा कि कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव के मैदान में इस बार भाजपा का नया चेहरा होगा। मेरी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं है। अंतिम निर्णय हाईकमान को करना है।
सर्किट बेंच के लिए सहमति दे हाईकोर्ट
शांता ने कहा कि धर्मशाला में हाईकोर्ट का सर्किट बेंच स्थापित करने की मांग जायज है। केंद्र और प्रदेश सरकारें धर्मशाला में हाईकोर्ट का सर्किट बेंच स्थापित करने के लिए सहमत हैं। मेरा अनुरोध है कि अब हाईकोर्ट को भी धर्मशाला में सर्किट बेंच स्थापित करने के लिए सहमति देनी चाहिए।
नैतिक शिक्षा, योग अनिवार्य विषय बनाए जाएं- शांता ने कहा कि सरकार नशे की जड़ें गांवों में न फैलने दें। युवा मोबाइल के नशे से बचें। समाज को इस घातक खतरे से बचना होगा। इससे समाज संस्कारहीन हो रहा है।
इसलिए सरकार को स्कूलों के पाठ्यक्रम में योग और नैतिक शिक्षा को अनिवार्य करना चाहिए। क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को राज्य अतिथि बनाए जाने पर विपक्ष का विरोध जायज नहीं है। शांता ने कहा कि सरकार पन विद्युत परियोजनाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर फ्रेंडली नीति बनाए।