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ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षकों पर शिकंजा, लगेंगी बायोमीट्रिक मशीनें
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 12 May 2016 09:58 AM IST
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कई कॉलेजों में शिक्षकों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें आने के बाद यह फैसला लिया गया है।
- फोटो : Demo pic
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प्रदेश के कॉलेजों में प्रोफेसरों, असिस्टेंट प्रोफेसरों सहित अन्य स्टाफ की हाजिरी बायोमीट्रिक मशीन से लगाने का फैसला लिया गया है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में रूसा को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिक्षा विभाग को जल्द बायोमीट्रिक मशीनें लगाने को कहा।
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कई कॉलेजों में शिक्षकों के अनुपस्थित रहने की शिकायतें आने के बाद यह फैसला लिया गया है। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के अफसरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एक सप्ताह में 26 घंटे की ड्यूटी कॉलेजों में पूरी करने को लेकर जारी आदेशों का पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है।
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कई जगह शिक्षक इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने हैरानी जताते हुए बायोमीट्रिक मशीनों से शिक्षकों की कॉलेजों में उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को कॉलेजों में सही तरीके से लागू करने के लिए शिक्षकों का कॉलेज कैंपस में अधिक से अधिक समय तक मौजूद रहना जरूरी है।
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बायोमीट्रिक मशीन लगाना ही इसका एकमात्र विकल्प है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अफसरों को बायोमीट्रिक मशीनें लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। प्रदेश के सभी 102 कॉलेजों में मशीनें लगाई जाएंगी। बैठक के दौरान कॉलेजों में रिक्त पदों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जल्द पद भरने का आश्वासन दिया।