हिमाचल के सभी सरकारी स्कूलों में अब बायोमीट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी
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हिमाचल के हर सरकारी स्कूल में अब बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगेगी। पंद्रह दिन के भीतर हर स्कूल में मशीन लगा दी जाएगी। इसके बाद मशीन के माध्यम से ही हाजिरी लगाई जाएगी। यह बात उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा ने हमीरपुर में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 46 सरकारी महाविद्यालयों ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मान्यता के लिए आवेदन किया है।
नैक टीम शीघ्र इन महाविद्यालयों के निरीक्षण के लिए आएगी। निरीक्षण के बाद इन महाविद्यालयों को नैक से मान्यता मिलेगी। वर्तमान में प्रदेश के 30 महाविद्यालयों को नैक से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। रूसा सिस्टम में सेमेस्टर एक और सेमेस्टर दो के लिए ग्रांट आ चुकी है।
सरकारी स्कूलों के लिए बायोमीट्रिक मशीन आ चुकी हैं। आने वाले पंद्रह दिनों के भीतर प्रदेश के सभी स्कूलों में बायोमीट्रिक प्रणाली से हाजिरी लगेगी। निजी स्कूलों के लिए वर्ष 1997 और 2003 में प्रदेश सरकार ने नियम बनाए हैं। इसमें निजी स्कूलों को निर्धारित फीस लेनी होगी।
अधिक फीस लेने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा उपनिदेशकों के हवाले से रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। निचले हिमाचल में गर्मियों के मौसम में स्कूलों की समयसारणी में बदलाव पर निदेशक ने कहा कि स्कूलों के समय में परिवर्तन संबंधित जिलों के उपायुक्त करेंगे। स्कूल अपने स्तर पर कोई बदलाव नहीं कर सकते।
विधायक धवाला के पास नहीं थी सही जानकारी: शर्मा
ज्वालामुखी के विधायक रमेश धवाला के साथ पूर्व में टकराव पर निदेशक ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं थी। मैं कभी भी निजी महाविद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर नहीं रहा। हालांकि पूर्व में उनके पास एक महाविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार था। पीटीए जनरल हाउस में जो निर्णय लेती है, संबंधित महाविद्यालय के प्रशासक और प्रधानाचार्य को वह लागू करना होता है।
पीटीए में विभाग और सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। धवाला जिस महाविद्यालय में पीटीए नियुक्ति में धांधली के आरोप लगा रहे हैं, वह वर्तमान में सरकारी हो चुका है। पूर्व में पीटीए पर नियुक्त सभी प्राध्यापक कालेज से निकाले जा चुके हैं। वर्तमान में एक भी पीटीए प्राध्यापक को नियुक्ति नहीं मिली है।