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हिमाचल में इस्तेमाल के बाद बचे खाद्य तेल से बनेगा बायो डीजल
Mon, 02 Nov 2020 10:48 AM IST
Krishan Singh
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 02 Nov 2020 10:48 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
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दुकानों या घरों में मिठाइयां बनाने या कुछ तलने के बाद बचे हुए खाद्य तेल से अब बायो डीजल बनाया जाएगा। गुजरात की एक कंपनी सोलन, सिरमौर, शिमला जिलों से 25 फीसदी से कम कोलर कंपाउंड वाला खाद्य तेल 30 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीदेगी।
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खाद्य तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें कोलर कंपाउंड बढ़ जाते हैं। अधिक कोलर युक्त तेल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इससे हार्ट अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लिहाजा, ऐसे तेल का इस्तेमाल बायो डीजल बनाने के लिए किया जाएगा।
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मिठाइयों का कारोबार करने वाले लोगों को इसका सबसे अधिक फायदा होगा। अधिकतर दुकानों में तेल को बार-बार गर्म कर उसमें मिठाइयां व अन्य उत्पाद तले जाते हैं, जिससे कोलर कंपाउंड की मात्रा बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
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बीते शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अतुल कायस्था ने शहर के मिष्ठान विक्रेताओं के साथ बैठक कर इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। कायस्था ने बताया कि गुजरात की कंपनी सिरमौर, सोलन और शिमला जिला से तेल की खरीद करेगी। दो या तीन बार गर्म हुआ तेल 30 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से खरीदा जाएगा। इस तेल का इस्तेमाल कंपनी बायो डीजल बनाने के लिए करेगी।