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हिमाचल विस सत्र: विरोध के बीच गायों की नस्ल सुधारने का बिल पारित

Sat, 16 Feb 2019 06:13 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Sat, 16 Feb 2019 06:13 PM IST
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Bill passed to improve the breed of cows in himachal assembly budget session

विपक्ष के विरोध के बीच शनिवार को गायों की नस्ल सुधार का बिल सदन में पारित हो गया। इसे कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने फालतू का कानून बताया। नेगी ने कहा कि पहले से ही इस बारे में एक कानून बनाया जा चुका है।

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नए कानून में एक भी पैसे का प्रावधान नहीं है। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने भी इसमें आउटसोर्सिंग के प्रावधान का विरोध किया। उन्होंने इस बिल को कॉपी-पेस्ट ही करार दिया। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि यह कानून इस बात को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया कि गायों की नस्ल नहीं बिगड़े।
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पशुपालक बाहर से स्वस्थ बैलों का वीर्य लाने के लिए स्वतंत्र होंगे, मगर इसकी गुणवत्ता की परख जरूरी होगी। शनिवार को सदन में चार विधेयक पारित किए गए, मगर हिमाचल प्रदेश गो जातीय प्रजनन विधेयक 2019 पर ही चर्चा हुई।
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चर्चा में दो विधायकों जगत सिंह नेगी और राकेश सिंघा ने हिस्सा लिया। नेगी जहां इस विधेयक के औचित्य पर और प्रदेश के मौजूदा ढांचे पर सवाल खड़ा किया, वहीं माकपा विधायक राकेश सिंघा बोले कि विधेयक में आउटसोर्स करने की व्यवस्था है। हर चीज का निजीकरण सही नहीं है। 

पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान

Bill passed to improve the breed of cows in himachal assembly budget session

 पिछले दरवाजे से यह सब ठीक नहीं हो रहा है। आउटसोर्स से जो कर्मचारी लगाए जा रहे हैं, उन्हें बहुत कम पैसे दिए जाते हैं। ऐसे हालात में ही उन्हें आंदोलन करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि गाय की रक्षा की बात ठीक है, हम भी इसके पक्ष में हैं।

मगर भाजपा तो इसकी चैंपियन ही बनी हुई है। सही रास्ता अख्तियार करने की भी जरूरत है। किसानों पर बाहर से मर्जी से बैलों का सीमन मंगवाने पर प्रतिबंध नहीं होना चाहिए।

दोनों विधायकों के इस विरोध के बीच मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बार-बार यही बात स्पष्ट की कि यह कानून गायों की नस्ल में सुधार के लिए बनाया जा रहा है। इसके बाद सत्ता पक्ष की हां में हां में रहने के बाद सदन में ध्वनिमत से यह बिल पारित हो गया। 

विधेयक में प्रावधान है कि पशुपालकों को देसी बैलों का मिलावटी वीर्य उपलब्ध करवाया गया तो इस पर तीन साल तक का कठोर कारावास होगा। एक  लाख रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 

नेगी ने लहराया बजट बुक का पन्ना

Bill passed to improve the breed of cows in himachal assembly budget session

किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों को स्वीकृत बजट में से सिर्फ 30 फीसदी राशि ही मिल पा रही है, शेष 70 फीसदी राशि को अन्य कार्यों के लिए डायवर्ट कर दिया गया है। परियोजना सलाहकार परिषद के गठन में भी सरकार भेदभाव कर रही है।

पांगी, भरमौर, लाहौल में स्थानीय विधायकों को परिषद का अध्यक्ष बनाया गया है जबकि किन्नौर में कांग्रेस विधायक होने के चलते उपायुक्त को अध्यक्ष बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के साथ भेदभाव की नीति बंद नहीं की तो उन्हें मजबूरन जनजातीय आयोग के पास मामला उठाना पड़ेगा।

उन्हाेंने कहा कि कांग्रेस ने जनजातीय क्षेत्रों में भूमिहीन लोगों को नौतोड़ भूमि देना शुरू किया था लेकिन भाजपा ने सत्ता मेें आते ही इसे रोक दिया है। अफसरशाही सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने की झूठी जानकारी देते हुए सरकार को गुमराह कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि किन्नौर के भाजपा जिलाध्यक्ष उपायुक्त को पत्र लिखकर नौतोड़ के मामलों पर कार्रवाई करने से इनकार कर रहे हैं। जगत सिंह नेगी ने जनजातीय क्षेत्रों में सभी सरकारी विभागों में स्टाफ की भारी कमी होने का मामला भी उठाया।

बगैर चर्चा सदन में तीन और विधेयक पारित 

Bill passed to improve the breed of cows in himachal assembly budget session

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शनिवार को तीन और विधेयक भी पारित हुए। सत्ता पक्ष के विधायकों ने हां में हां मिलाते हुए तीनों बिलों को ध्वनिमत से पारित कर दिया ये बिल संस्कृत को दूसरी राजभाषा बनाने, मेडिकल यूनिवर्सिटी का अटल बिहारी वाजपेयी से नामकरण करने और अनुपयोगी हुए बजट प्रावधानों से संबंधित अधिनियमों को निरस्त करने से संबंधित हैं। 

निजी विवि की गवर्निंग बॉडी में शामिल होंगे विधायक 
शिमला। सरदार वल्लभ भाई पटेल क्लस्टर विश्वविद्यालय मंडी की गवर्निंग बॉडी में दो विधायकों को दो साल के लिए बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। शनिवार को विधानसभा में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस संदर्भ में प्रस्ताव पेश किया। जिसे सर्वसम्मित से पास कर दिया गया। इसके अलावा प्रदेश के 14 निजी विश्वविद्यालयों की गवर्निंग बॉडी में भी दो विधायकों को शामिल करने का प्रस्ताव पास किया गया।

विधायक पम्मी ने उठाया धर्म परिवर्तन का मामला
शिमला। दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने सदन में बीते दिनों बद्दी में धर्म परिवर्तन होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ईसाई मिशनरी की ओर से यह काम किया जा रहा है। पहले भी बद्दी में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने की मांग की।
 

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