टनल हादसाः 7वें दिन भी नहीं निकाले जा सके मजदूर
बिलासपुर की टीहरा टनल में फंसे मजदूरों को 144 घंटे बाद शुक्रवार को भी नहीं निकाला जा सका। घुप अंधेरी टनल में फंसे मजदूर को बाहर निकालने की राह में सख्त चट्टानें बाधा बन रही हैं। ऐसे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अभी कुछ घंटों का इंतजार और करना पड़ेगा। हालांकि, मजदूरों को निकालने के लिए बठिंडा और ऊना से एनडीआरएफ टीमें फिर मौके पर पहुंच गई हैं।
राजस्थान से मंगाई आधुनिक ड्रिलिंग मशीन से 30 मीटर होल किया जा चुका है। अनुमानित 45 से 50 मीटर तक ड्रिलिंग होनी है। उपायुक्त बिलासपुर ने दोपहर को दावा है कि फंसे मजदूरों को निकालने के लिए 12 से 18 घंटे का समय और लग सकता है। ऐसे में शनिवार सुबह तक ड्रिलिंग पूरी होने के बाद मजदूरों के बाहर निकलने की संभावना है। उधर, टनल के अंदर से भी पाइप डालने का कार्य जारी है।
पाइप से दिन में तीन बार भेजा खाना-पानी
शुक्रवार को टनल में फंसे मजदूरों को पाइप से दिन में तीन बार खाना-पानी भेजा गया। प्रशासन सीसीटीवी और माइक्रोफोन के जरिए मजदूरों से संपर्क बनाए हुए है। डीसी मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम भी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गई है जो ड्रिलिंग का कार्य पूर्ण होते ही फंसे हुए मजदूरों को टनल से बाहर निकालने का कार्य शुरू कर देगी। उधर, मजदूरों की सलामती के लिए प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां नयनादेवी के दरबार में पुजारियों ने विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन कर आहुतियां डालीं।
सरकार ने हाईकोर्ट में रखी स्टेटस रिपोर्ट- बिलासपुर टनल हादसे पर प्रदेश हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को ताजा स्टेटस रिपोर्ट रखी। कोर्ट को बताया गया कि टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। दो मजदूरों से संपर्क साधा जा चुका है। मामले की आगामी सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की गई है।