बस से टकराई बाइक, तीन युवकों की मौत
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बिलासपुर-धर्मशाला नेशनल हाईवे पर कोठी (चांदपुर) के समीप बुधवार शाम पेश आए सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। शाम करीब 4:30 बजे तीन युवक अपनी बाइक पर बिलासपुर से झंडूता की ओर जा रहे थे कि चांदपुर पुल के समीप घुमारवीं से आ रही एक निजी बस के साथ बाइक की सीधी टक्कर हो गई।
हादसा इतना खतरनाक था कि वहां मौजूद लोगों के रौंगटे खडे़ हो गए। एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृतकों में दो कॉलेज के स्टूडेंट्स बताए जा रहे हैं जबकि एक युवक फौज में था। वह अपनी बहन की शादी में शरीक होने के लिए छुट्टी लेकर आया था।
बिलासपुर से झंडूता जा रहे थे
पुलिस के अनुसार, झंडूता के सेर गांव के सुनील कुमार (23) और रजत कुमार (21) और फौजी अरुण चंदेल (23) निवासी हवांडा अपनी बाइक (एचपी-23सी-1553) में बिलासपुर से झंडूता के लिए जा रहे थे। चांदपुर पुल पार करने से पहले कोठी में सामने से आ रही एक निजी बस (एचपी69-1388) के साथ जोरदार टक्कर हो गई। पुलिस के अनुसार, बाइक की रफ्तार तेज होने के साथ ही वे ट्रिप्लिंग भी कर रहे थे। उधर, घटना के बाद बस चालक मौके से फरार बताया जा रहा है।
घटना में रजत कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य दो युवकों को जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। एसपी अशोक शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना की वजह बाइक सवारों की लापरवाही लग रही है। फिर भी पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
लापरवाही ने लील ली तीन जिंदगियां
आए दिन सड़क हादसों में बेशकीमती जिंदगियां सड़क पर दम तोड़ रही हैं। सड़क सुरक्षा के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। वाहन चलाने में लापरवाही बरती जा रही है और रोकने वाला कोई नहीं। बुधवार को बस और बाइक के बीच हुई टक्कर भी लापरवाही का ही परिणाम बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि एक तो ट्रिप्लिंग, उस पर रफ्तार भी तेज। लोगों, खासकर युवाओं को ऐसी घटनाओं से सबक लेने और जागरूक होने की जरूरत है। वहीं, पुलिस को भी नियम तोड़ने वालों पर कड़ाई बरतनी होगी। भयानक हादसे के बाद से झंडूता में मातम का माहौल है।
मरने वालों में दो युवक गालियां पंचायत के सेर के रहने वाले थे जबकि एक झंडूता के हवांडा का। फौजी अरुण कुमार अपनी बहन की शादी के लिए बिलासपुर आया था। बहन के हाथ तो पीले हो गए लेकिन खुद अचानक दुनिया से रुखसत हो गया। सिक्किम में तैनात 13 पंजाब बटालियन के अरुण चंदेल की मौत से पूरे झंडूता में मातम का माहौल है।
चार-पांच दिन पहले ही हुई थी अरुण की बहन की शादी
बहन के हाथों में लगी मेहंदी अभी लाल ही है कि भाई दुनिया से रुखसत हो गया। बताया जा रहा है कि चार-पांच दिन पहले ही अरुण की बहन की शादी हुई थी। एक-दो दिन में वह वापस जाने वाला था। रेलवे बुकिंग को बिलासपुर क्या निकला, घर लौटकर नहीं आया। पिता केवल सिंह और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। उधर, सेर गांव के रजत पुत्र हरनाम सिंह और सुनील पुत्र अमरनाथ मौत से पंचायत में गमगीन हो गई है।
रजत हरनाम सिंह का इकलौता बेटा था। भरी जवानी में वह अपने मां-बाप और बहनों को अकेला छोड़ गया। जबकि चार भाई बहनों में सबसे छोटा। सुनील और रजत कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। प्रारंभिक जांच में घटना की वजह बाइक सवारों की लापरवाही लग रही है। बस चालक की गिरफ्तारी को पुलिस टीमें भेजी गई हैं।