इंटक ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू को दिया बड़ा झटका, परवाणू में फूंका पुतला
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ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) ने हिमाचल कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को बड़ा झटका दिया है। दूसरे ही दिन मंगलवार को उनकी ओर से प्रदेश इंटक के नए अध्यक्ष बबलू पंडित की तैनाती के आदेश को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बावा हरदीप को अगले तीन साल तक इंटक के प्रदेशाध्यक्ष बने रहने के आदेश जारी किए हैं।
दरअसल पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने सोमवार को पार्टी कार्यालय से हिमाचल इंटक के अध्यक्ष बावा हरदीप को अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश जारी किए थे। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया था कि बावा हरदीप ने पार्टी से बगावत कर वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ा। इस कारण उन्हें कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। इनकी जगह बबलू पंडित को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तैनाती के बाद यह आदेश भी दिए थे सुक्खू ने
लेकिन इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी ने इन आदेशों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्होंने बावा हरदीप को अध्यक्ष पद पर बने रहने को कहा है। बाकायदा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसको लेकर लिखित पत्र से आदेश जारी किए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से जारी इन आदेशों के बाद वीरभद्र सिंह के समर्थक फूले नहीं समा रहे हैं।
चूंकि बाबा हरदीप को वीरभद्र सिंह का काफी करीबी माना जाता है। सुक्खू ने आदेश जारी करने के साथ बबलू पंडित को निर्देश दिए थे कि वह सभी जिला अध्यक्षों की तुरंत बैठक बुलाकर लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू करें। पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जाए। बबलू पंडित की नियुक्ति के समय इंटक के डेलीगेट मौजूद थे।
परवाणू में फूंका कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का पुतला
इंटक के प्रदेशाध्यक्ष बावा हरदीप सिंह को पद से हटाने के फैसले से नाराज युवा इंटक ने मंगलवार को परवाणू में कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का पुतला फूंका। युवा इंटक ने प्रदेशाध्यक्ष यशपाल सिंह ठाकुर के नेतृत्व में परवाणू के मुख्य चौक पर सुक्खू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान युवा इंटक ने सुखविंद्र सिंह सुक्खू को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाने की मांग की और यदि ऐसा नहीं किया तो आने वाले लोकसभा चुनाव में युवा इंटक ने साथ न देने की चेतावनी दे डाली।
इस मौके पर यशपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि इतने बड़े अध्यक्ष पद पर बैठ कर गैर जिम्मेदाराना तरीके से बावा हरदीप सिंह को हटाया है और किसी दूसरे को नियुक्ति दे दी है। जबकि यह सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बावा हरदीप सिंह को 20 अगस्त 2017 को बिलासपुर में 118 यूनियनों के डेलिगेटों ने तीन साल के लिए अध्यक्ष चुना है और सुखविंद्र सिंह सुक्खू चाह कर भी अगस्त 2020 तक बावा हरदीप सिंह को अध्यक्ष पद से नहीं हटा सकते हैं।
इंटक एक संवैधानिक संस्था है और सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ऐसी गैर जिम्मेदाराना हरकत करने से पहले इंटक का संविधान पढ़ लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकत के विरोध में अब युवा इंटक प्रदेश के हर जिले में सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पुतले जलाएगी। इसकी शुरुआत आज परवाणू से हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष को बावा हरदीप सिंह को पद से हटाने से पूर्व उनके कद को भांप लेना चाहिए था। इंटक बावा हरदीप सिंह के पीछे खड़ी है।