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हिमाचल में नए उद्योगों के निवेशकों को बड़ी राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 19 Jan 2016 10:45 PM IST
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हिमाचल प्रदेश में नए उद्योगों को स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए शुरुआती फाइल वर्क का ही पेच हटा दिया है। सरकार ने उद्योगों को लगाने से पहले मैमोरेंडम भरने के लिए उद्योगपतियों को छूट दे दी है।
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अब उद्योगों की स्थापना के बाद ही मैमोरेंडम भरना होगा। इसे भी सेल्फ डेक्लेरेशन आधार पर ही भरना होगा। राज्य सरकार के उद्योग विभाग ने नए उद्योगों को लगाने के इच्छुक लोगों को बड़ी छूट देते हुए ये तय किया है कि अब उद्योगों की स्थापना के समय उद्योगपतियों को मैमोरेंडम को नहीं भरना होगा। इसमें उद्योगपतियों को स्थापित किए जा रहे उद्योग के बारे में अधिकतम जानकारी देनी होती थी।
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इस मैमोरेंडम की मंजूरी के बाद ही उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता था। इसके साथ ही हलफ नामा भी देना होता था। अब आधार उद्योग मैमोरेंडम आधार कार्ड पर आधारित होगा। इसे शुरू में भरने की जरूरत ही नहीं होगी। जैसे ही किसी भी उद्योग की स्थापना कर दी जाएगी, उसी के बाद ही मैमोरेंडम भरना होगा।
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भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय की ओर से हिमाचल सरकार को इस बारे में नए निर्देश आए हैं। इन्हीं पर गौर करते हुए अगली व्यवस्था की जा सकती है। किसी भी उद्योग का ये आधार कार्ड आधारित पंजीकरण ऑनलाइन होगा। इसमें महज सेल्फ डेक्लेरेशन से ही काम चल पडे़गा। इसके लिए कोई खास डॉक्यूमेंटेशन भी नहीं होगी। एक आधार नंबर पर एक से ज्यादा मैमोरेंडम भरे जा सकेंगे।
‘नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब उद्योगों की स्थापना के बाद ही मैमोरेंडम भरना होगा। इसे शुरू में ही भरने की जरूरत नहीं होगी। इससे उद्योगपतियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इससे उद्योग विभाग के पास ये रिकार्ड नहीं रह पाएगा कि कौन-कौन से उद्योग नए लगाए गए हैं।’-राजेंद्र सिंह, निदेशक, उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश।