CBI केस: वीरभद्र को राहत, नहीं होगी गिरफ्तारी
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सीबीआई जांच में फंसे हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सीएम की ओर से लगाई गई याचिका को मंजूर कर लिया है। जानकारी के अनुसार अब इस मामले में सीएम की गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। साथ ही उनके खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई भी नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई अब 18 नवंबर को होनी है।
हाई र्ट में मामले की सुनवाई में पेश होने के बाद बाहर आकर पत्रकारों से बातचीत में सीएम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से दायर याचिका को एडमिट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तारी नहीं होगी और न ही कोई बलपूर्वक कार्रवाई होगी। पूछताछ के लिए भी पहले सीबीआई को कोर्ट में आवेदन करना होगा।
जेटली और अनुराग पर जमकर भड़के सीएम
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि उनके खिलाफ सीबीआई जांच अरुण जेटली और अनुराग ठाकुर की साजिश है। उन्होंने कहा कि एचपीसीए के गलत कारनामों पर हिमाचल सरकार ने कार्रवाई की, तो इसी का बदला लेने के लिए उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है। हमेशा सच ही जीतता है, वह किसी साजिश से डरे नहीं हैं।
हाईकोर्ट में सीबीआई मामले की सुनवाई के बाद सिब्बल हाईकोर्ट परिसर से पैदल चल कर होटल ओबेराय क्लार्क्स पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उनका पहले से ही इंतजार कर रहे थे। होटल के लाउंच में ही दोनों के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद मुख्यमंत्री के चेहरे पर पहली बार मुस्कुराहट आई। सिब्बल उन्हें कोर्ट द्वारा राहत देने की खबर सुना चुके थे।
अनुराग के बयानों पर भी करारा वार
इसके बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने पत्रकारों को खुद होटल के भीतर बुलाया। इससे पहले पत्रकार उनसे सवाल पूछें उन्होंने मीडिया से मुस्कुराते हुए कहा- यह मामला सबज्यूडिस है। सीबीआई के माध्यम से करवाई गई यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित और षड्यंत्रपूर्ण है। यह सब अरुण जेटली और अनुराग ठाकुर का किया धरा है। मेरा भगवान और कोर्ट में पूरा भरोसा है।
अनुराग को ऐसा बोलने की जरूरत नहीं थी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने टी-ट्वेंटी मैच के बारे में गलत बयान दिया है। ऐसा बोलने की जरूरत नहीं थी। सीएम ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने यह बयान दिया कि इस मैच में सीएम को बुलाया गया है, वीरभद्र को नहीं। पहले उन्हें एचपीसीए का इस मैच में जाने का निमंत्रण पत्र मिला था, वह जाने को भी तैयार थे। अब जाने का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा कि अरुण धूमल कोई बात सीरियसली बोले या नहीं। मैं इसका कोई नोटिस नहीं लेता। उनके खिलाफ जो कुछ किया गया, वह डेलिबरेटली किया गया। अनुराग के छोटे भाई की ओर से जिस तरह से फेसबुक पर अपडेट भेजे जा रहे थे, उसी से इस साजिश का पता चलता है।