तकनीकी विवि की बड़ी पहल, एक पौधा लगाने पर विद्यार्थियों को मिलेंगे दो क्रेडिट
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी पहल की है। विश्वविद्यालय ने हर विद्यार्थी के लिए एक पौधा लगाना अनिवार्य कर दिया है। ये पौधे विश्वविद्यालय के परिसर और गोद लिए गांव में रोपे जाएंगे। पौधरोपण के लिए विद्यार्थी को अतिरिक्त दो क्रेडिट भी दिए जाएंगे।
कुलपति प्रो. एसपी बंसल की अध्यक्षता में आयोजित अकादमिक परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि पौधे के जाले पर बाकायदा विद्यार्थी के नाम की प्लेट लगाई जाएगी। चार साल तक विद्यार्थी को इसकी देखभाल करनी होगी। अंतिम वर्ष में संस्थान की टीम निरीक्षण करेगी। पौधा सुरक्षित और फला-फूला पाया गया तो विद्यार्थी को डिग्री कार्यक्रम में अतिरिक्त दो क्रेडिट दिए जाएंगे।
विश्वविद्यालय का दावा है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नई व्यवस्था लागू करने वाला वह देश का पहला संस्थान बन गया है। उल्लेखनीय है कि तकनीकी विश्वविद्यालय से हर साल बीटेक, एमबीए और एमसीए के करीब 7 हजार विद्यार्थी पास आउट होते हैं। यहां बीटेक के लिए 180 क्रेडिट अनिवार्य हैं। नई व्यवस्था के बाद अगर छात्र पौधरोपण में कामयाब हुए तो इन्हें 182 क्रेडिट मिलेंगे।
प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन, दिव्यांगों को पांच फीसदी आरक्षण
बैठक में फैसला लिया गया कि इसी सत्र से बीटेक, एमबीए और एमसीए समेत अन्य विभागों में दाखिले के लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होगी। विद्यार्थियों की काउंसलिंग प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी।2020-21 सत्र से तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने, दिव्यांगजनों को अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों में दाखिले के दौरान पांच फीसदी आरक्षण देने, सायंकालीन सत्र में पीजी डिप्लोमा इन योगा शुरू करने और एमबीए तथा एमसीए के विद्यार्थियों को अपनी डिग्री पूरी करने के लिए मई 2020 में विशेष मौका देने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।
ये फैसले भी लिए
माइग्रेशन से संबंधित संशोधनों को किया अनुमोदित। विवि के स्कूल या संबद्धता प्राप्त संस्थानों और इसके विपरीत एक संस्थान से दूसरे संस्थान में एक ही कार्यक्रम/अनुशासन में दूसरे वर्ष यानी तीसरे सेमेस्टर में माइग्रेशन प्रथम सेमेस्टर पूर्ण करने पर की जाएगी। इससे पहले माइग्रेशन प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर के सफल समापन पर की जाती थी। लेटरल एंट्री के संदर्भ में तीसरे सेमेस्टर में पास होना चाहिए और उसको पांचवें सेमेस्टर में माइग्रेट किया जाएगा।