शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
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शिक्षा विभाग ने अपनी गलती भांपते ही दो-दो विषयों में पदोन्नत पीजीटी को रिलीव करने पर रोक लगा दी है। इन शिक्षकों के विषयों की अब दोबारा से छंटनी होंगी। वीरवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों को आदेश जारी कर अगले आदेशों तक पदोन्नत पीजीटी को रिलीव करने पर रोक लगा दी है।
उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने बताया है कि कई जगह से सूचना मिली है कि कुछ शिक्षकों को दो-दो विषयों में पदोन्नत किया गया है। ऐसे में इन्हें रिलीव करने पर रोक लगाई गई है। इन शिक्षकों के जन्म प्रमाण पत्र, टीजीटी की वरिष्ठता सूची और मास्टर डिग्री सर्टिफिकेट देखने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। 13 जुलाई को शिक्षा विभाग ने 1025 टीजीटी को पदोन्नत कर पीजीटी बनाया।
विभाग ने जारी किए आदेश
विभिन्न विषयों में टीजीटी को पदोन्नत किया गया। पदोन्नत सूची में विभाग से कई खामियां भी रह गईं। हिंदी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास और अंग्रेजी में कई शिक्षकों को दो-दो जगह पदोन्नतियां दे दी गईं। एक ही शिक्षक का दो जगह स्थानांतरण भी कर दिया गया। वीरवार को इस गलती का पता लगते ही विभाग ने दो-दो विषयों में पदोन्नत किए गए शिक्षकों को रिलीव करने पर रोक लगा दी है।
एसएमसी शिक्षकों वाले स्कूलों में नहीं लगेंगे पदोन्नत पीजीटी
एसएमसी से पीरियड आधार पर नियुक्तियों वाले स्कूलों में पदोन्नत पीजीटी नहीं भेजे जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी उपनिदेशकों को ये आदेश जारी कर दिए हैं। जिन पदोन्नत पीजीटी को इन स्कूलों में स्थानांतरित किया गया है, वहां इनकी ज्वाइनिंग नहीं होगी।
उपनिदेशकों को ऐसे पदोन्नत पीजीटी को शिक्षा निदेशालय में संपर्क करने को कहा गया है। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव मनोज रोंगटा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारी हितैषी होने का परिचय दिया है।