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अफसरों की मिलीभगत से डकार गए एनएफएल कामगारों के लाखों, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 22 May 2019 10:31 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 22 May 2019 10:31 AM IST
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big chaose vidence in epf during cbi investigation
सांकेतिक तस्वीर

सरकारी अफसरों की मिलीभगत और लापरवाही से मेहनतकश कामगारों की खून-पसीने की लाखों की गाढ़ी कमाई में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। ये कामगार नंगल में हिमाचल के लिए सप्लाई की जाने वाली नीम कोटेड यूरिया खाद बनाने वाले नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) में नियुक्त थे।

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इनके भविष्य निधि का पैसा शिमला में जमा हो रहा था। इन मजदूरों के  ईपीएफ में बड़े गोलमाल के सुबूत मिले हैं। जिन आरोपी अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदारों ने मजदूरों के ईपीएफ पर डाका डाला है, वे जल्द सीबीआई की गिरफ्त में आ सकते हैं।
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सीबीआई की शिमला शाखा में पिछले दो दिन से इस घपले से संबंधित गवाहों के बयान लिए गए हैं। ये बयान इस मामले की तहकीकात में अहम माने जा रहे हैं। सीबीआई ने कुछ समय पहले अपनी शिमला शाखा में मिली शिकायत पर शुरुआती जांच के बाद मामला दर्ज किया था।
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सीबीआई इसकी छानबीन में जुटी रही। आरोपी ठेकेदारों, एनएफएल, ईपीएफओ और ईएसआईसी के अधिकारियों से पूछताछ की जा चुकी है। सीबीआई ने नंगल स्थित एनएफएल, ईपीएफ ओ शिमला और ईएसआईसी से संबंधित रिकॉर्ड पहले ही कब्जे में लिया है। 

पंजाब, हरियाणा और यूपी की फर्में नपेंगी

सीबीआई जांच में पाया कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से पंजाब, हरियाणा और यूपी की चार फर्मों ने गोलमाल किया है। इनमें एक फर्म पंजाब के नंगल, दूसरी रोपड़, तीसरी यूपी के बरेली और चौथी हरियाणा के पंचकूला की है।

इन फर्मों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 120बी, 420, 467, 468, 471 और 477 सी के अलावा भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 13(1) के तहत चार्जशीट दायर की जा रही है। इन फर्मों को खाद की आंतरिक हैंडलिंग, डीस्केलिंग, क्लीनिंग आदि का काम दिया गया।

मजदूरों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमा किए 
आरोपी फर्मों ने मजदूरों के फ र्जी दस्तावेज तैयार कर जमा किए। मजदूरों की वास्तविक हाजिरी ज्यादा थी, जबकि फर्जी दस्तावेजों में कम हाजिरी दिखाई गई। उनका मेहनताने के अनुरूप उनके भविष्य निधि खाते में पैसा जमा नहीं किया। उन्हें दिहाड़ी का पैसा भी कम दिया गया। इसमें लाखों रुपये के गोलमाल की बात सामने आई है।  

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