केसीसी बैंक कर्मचारियों को बड़ा झटका, प्रबंधन ने लिया ये फैसला
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गलत लोन बांटने के विवाद के बीच अब केसीसी बैंक के मुलाजिमों से पिछले साल दिए गए बोनस में से 42 फीसदी वापस लिया जा रहा है। करीब 1200 क्लर्क से लेकर अफसरों तक को वर्ष 2017 में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये बोनस के तौर पर एक्स ग्रेशिया दिया था।
इसमें से अब 1.92 करोड़ रुपये के बोनस की बैंक प्रबंधन ने रिकवरी के लिए कर्मचारियों को नोटिस भेजे हैं। कर्मचारियों से रिकवरी उनकी तनख्वाह में से 5 किस्तों में होगी।
बैंक प्रबंधन ने कर्मचारियों को भेजे नोटिस में लिखा है कि ऑडिट रिपोर्ट में पिछले वर्ष गणना की गलती से ज्यादा बोनस देने की बात सामने आई है। बोनस नेट प्रॉफिट के बजाय ग्रॉस प्रॉफिट पर 42 फीसदी ज्यादा चला गया है।
उधर, रिकवरी पर सवाल भी उठ रहे हैं कि ज्यादा बोनस देने की गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। बैंक प्रबंधन की गलती का खामियाजा त्योहार के मौके पर अन्य कर्मचारी क्यों भुगतें।
कई कर्मचारियों ने घर, गाड़ी और अन्य चीजों के लिए ऋण ले रखे हैं। अब तनख्वाह से साढ़े चार हजार से 41 हजार रुपये की पांच किस्तों में प्रतिमाह रिकवरी हो जाएगी तो वे आर्थिक संकट में पड़ जाएंगे।
गलत दे दिया था बोनस : एमडी
बैंक के एमडी केके सरोच ने बताया कि कर्मचारियों को बोनस (एक्स ग्रेशिया) बैंक के नेट प्रॉफिट पर देना था, लेकिन पिछले वर्ष एक्स ग्रेशिया ग्रॉस प्राफिट पर दे दिया था। ऑडिट रिपोर्ट में इस गड़बड़ी का पता चला।
इसके बाद रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी के निर्देश मिलने के बाद अब कर्मचारियों से ज्यादा दिए गए एक्स ग्रेशिया की रिकवरी हो रही है। पिछले वर्ष कर्मचारियों को करीब 4.5 करोड़ रुपये एक्स ग्रेशिया दिया था। इसमें से 1.92 करोड़ रुपये की रिकवरी पांच किस्तों में हो रही है।
शुरू से ग्रॉस प्रॉफिट पर मिलता है बोनस : शरत
केसीसी बैंक कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष शरत रलहान ने बताया कि बैंक प्रबंधन शुरू से ग्रॉस प्रॉफिट के तहत एक्स ग्रेशिया कर्मचारियों को देता आया है। नेट प्रॉफिट पर बोनस देने से कर्मचारियों को डबल टैक्स देना पड़ेगा। बोनस हमेशा ग्रॉस प्राफिट पर ही दिया जाता है। कर्मचारियों से रिकवरी गलत है।