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बड़ी उपलब्धि: हिमाचल के संगीत शिक्षक राजकुमार ने सितार वादन में बनाया विश्व कीर्तिमान
Thu, 26 Aug 2021 06:15 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 26 Aug 2021 06:15 PM IST
सार
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने वाले सितार वादक राजकुमार वर्तमान में दिल्ली सरकार के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय सेक्टर-19 द्वारका में बतौर संगीत शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं।
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संगीत शिक्षक राजकुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के छोटे से गांव लंबलू (दबरेड़ा) के रहने वाले संगीत शिक्षक राजकुमार ने सितार वादन में विश्व कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने 32 घंटे 34 मिनट सितार बजाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इससे पूर्व केरल के राधाकृष्णन मनोहरन ने अक्तूबर 2017 में 29 घंटे 8 मिनट तक सितार बजाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।
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राजकुमार दिल्ली के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय सेक्टर 19 द्वारका में बतौर संगीत शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। राजकुमार ने 23 अगस्त को सुबह 8:00 बजे स्कूल के सभागार में सितार बजाना शुरू किया था। उनका उत्साहवर्धन करने के लिए खुद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया स्कूल पहुंचे थे।
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राजकुमार ने अपने गांव में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक राजकीय डिग्री कॉलेज हमीरपुर से 1996 में संगीत विषय में स्नातक की है। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर और एमफिल तक की पढ़ाई पूरी की। राजकुमार के पिता भगत राम गांव में ही दिहाड़ी-मजदूरी करते हैं।
अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाने के लिए राजकुमार ने दिल्ली में पार्ट टाइम म्यूजिक शो किए। कठिन परिस्थितियों और माली आर्थिक हालात में उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की। राजकुमार अपनी पत्नी सुषमा और दो बच्चों के साथ दिल्ली में रहते हैं। बेटी अनुष्का भारद्वाज बीएससी कर रही हैं जबकि बेटा अनुभव भारद्वाज संगीत का प्रशिक्षण ले रहा है।
बनना चाहते थे वकील, बन गए संगीतकार
राजकुमार ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने स्कूली पढ़ाई के बाद हमीरपुर कॉलेज में राजनीतिक शास्त्र में दाखिला लिया। वह लॉ करने के बाद वकील बनना चाहते थे। लेकिन हमीरपुर कॉलेज में गुनगुनाते हुए प्रवक्ता प्रो. इंदु पराशर ने उन्हें देख लिया। प्रो. इंदु पराशर की प्रेरणा से उन्होंने संगीत विषय में दाखिला ले लिया। कोलकाता में आयोजित यूथ फेस्टिवल में उन्होंने हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया। इंटर कॉलेज और इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर हमीरपुर कॉलेज का नाम रोशन किया।